CBI ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में हैदराबाद बेस्ड एक CA 'बीआरएस एमएलसी के. कविता' के ऑडिटर को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आबकारी नीति मामले के संबंध में पूछताछ के लिए सीए, बुचिबाबू गोरांटला को दिल्ली बुलाया था।

नई दिल्ली. CBI ने दिल्ली आबकारी नीति मामले(Delhi excise policy case) में हैदराबाद बेस्ड एक चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) 'बीआरएस एमएलसी के. कविता' के ऑडिटर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आबकारी नीति मामले के संबंध में पूछताछ के लिए सीए, बुचिबाबू गोरांटला को दिल्ली बुलाया था। लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया। इसके बाद मंगलवार शाम को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वे जांच में असहयोग कर रहे थे। पढ़िए पूरी डिटेल्स...

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जानिए पूरी डिटेल्स...

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि अब कैंसल की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के फॉर्मूलेशन और इम्पलिमेंटेशन में गोरंटला की भूमिका से हैदराबाद स्थित थोक और खुदरा लाइसेंसधारियों और उनके लाभार्थी मालिकों को गलत लाभ हुआ। सीबीआई ने पिछले साल दिसंबर में मामले के सिलसिले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता से पूछताछ की थी। अक्टूबर, 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली, पंजाब और हैदराबाद में छापे मारे थे। सीबीआई इस मामले में घोटाले, जबकि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने नवंबर, 2022 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद कैंसल कर दी गई दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जारी जांच के सिलसिले में आम आदमी पार्टी (AAP) के संचार प्रभारी विजय नायर और कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार किया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा इसी मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद से दोनों फिलहाल जेल में हैं। नायर को सीबीआई ने सितंबर, 2022 में गिरफ्तार किया था, वहीं बोइनपल्ली को अक्टूबर, 2022 में गिरफ्तार किया था।

ईडी इनसे पहले शराब कंपनी ‘इंडोस्पिरिट’ के प्रवर्तक समीर महेंद्रू, शराब कंपनी ‘पर्नोड रिकार्ड’ के महाप्रबंधक बिनॉय बाबू और ‘अरबिंदो फार्मा’ के पूर्णकालिक निदेशक और प्रवर्तक पी शरत चंद्र रेड्डी को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी इस मामले में अब तक 170 से अधिक छापे मार चुकी है।

जांच एजेंसी ने लगाया था ये आरोप

जां एजेंसी ने अदालत को बताया था कि आबकारी नीति के सार्वजनिक तौर पर जारी किए जाने से लगभग 45 दिन पहले कुछ शराब निर्माताओं को नीति लीक कर दिया गया था। वहीं, उपमुख्यमंत्री सिसोदिया समेत तीन दर्जन वीआईपी ने कथित तौर पर डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के इरादे से 140 से अधिक मोबाइल फोन बदले थे। आरोप है कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में काम करने के लिए चुनिंदा व्यापारिक समूहों को अनुचित लाभ के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत अग्रिम रूप से दी गई थी।

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विवादास्पद आबकारी नीति 17 नवम्बर 2021 को लागू की गई थी। हालांकि मामला सामने आने के बाद दिल्ली में संचालित 468 निजी शराब की दुकानें 1 अगस्त, 2022 से बंद कर दी गई थीं। दिल्ली के मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

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