सर्वे में दिल्ली के 11 जिलों के 32 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें 68 प्रतिशत पुरुष व 32 प्रतिशत महिलाओं ने शिरकत की है। 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड महामारी ने हेल्थ इमरजेंसी लगा दी है। हर रोज 25 हजार से अधिक संक्रमित केस आ रहे हैं। मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। महामारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। केस बढ़ रहे हैं लेकिन न तो अस्पतालों में बेड हैं न ऑक्सीजन की व्यवस्था। कोविड से निपटने के लिए जरूरी दवाइयों, टेस्टिंग का अभाव हर जगह देखने को मिल रहा। त्राहिमाम कर रहे दिल्लीवासी लाॅकडाउन को बढ़ाने के पक्ष में हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था डिरेल होने और कोविड केसों के लगातार बढ़ने से घबराए दिल्लीवासियों को लाॅकडाउन ही एक विकल्प दिख रहा।

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75 प्रतिशत चाहते हैं लाॅकडाउन बढ़ाई जाए

लोकल सर्किल ने दिल्ली के हालात पर एक सर्वे कराई। सर्वे में भाग लेने वाले 75 प्रतिशत ने कहा कि लाॅकडाउन बढ़ाया जाना चाहिए। कम से कम एक सप्ताह ही क्यों न बढ़ाई जाए लेकिन अभी कुछ भी न खोली जाए। सर्वे के अनुसार 31 प्रतिशत चाहते हैं कि तीन सप्ताह से कम का लाॅकडाउन न बढ़ाया जाए। जबकि 29 प्रतिशत चाहते हैं कि 2 सप्ताह तक लाॅकडाउन बढ़े। जबकि पंद्रह प्रतिशत का मत है कि एक सप्ताह का लाॅकडाउन एक्टेंशन हो। केवल 5 प्रतिशत लोगों का कहना था कि लाॅकडाउन नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। इस सर्वे में 16397 लोगों ने भाग लिया। 

84 प्रतिशत चाहते हैं कि होम डिलेवरी की व्यवस्था हो

कोविड हेल्थ इमरजेंसी से जूझ रही दिल्ली के लोगों का कहना है कि लाॅकडाउन को बढ़ाया जाए और होम डिलेवरी को प्राथमिकता दी जाए। 84 प्रतिशत लोगों का कहना है कि प्रत्येक सामानों की होम डिलेवरी व्यवस्था हो और लोग घरों में ही रहें। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा। सर्वे में 43 प्रतिशत लोगों का कहना था कि ग्रोसरी व मेडिकल के सभी सामानों की होम डिलेवरी व्यवस्था हो जबकि 41 प्रतिशत का कहना था कि हर एक सामान की होम डिलेवरी व्यवस्था होनी चाहिए। केवल 13 प्रतिशत का कहना है कि दूकानों पर जाकर सामान खरीदने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए शिफ्ट तय हो। लेकिन 3 प्रतिशत कुछ भी नहीं कहे। इस सर्वे में 5801 लोगों ने अपनी राय दी है। 

दिल्ली के 11 जिलों के लोगों ने सर्वे में भाग लिया
इस सर्वे में दिल्ली के 11 जिलों के 32 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें 68 प्रतिशत पुरुष व 32 प्रतिशत महिलाओं ने शिरकत की है। 

Asianet News काविनम्रअनुरोधःआईएसाथमिलकरकोरोनाकोहराएं, जिंदगीकोजिताएं...जबभीघरसेबाहरनिकलेंमाॅस्कजरूरपहनें, हाथोंकोसैनिटाइजकरतेरहें, सोशलडिस्टेंसिंगकापालनकरें।वैक्सीनलगवाएं।हमसबमिलकरकोरोनाकेखिलाफजंगजीतेंगेऔरकोविडचेनकोतोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona