दिल्ली के चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल ने ईडी की नोटिस को अवैध बता दिया है। उन्होंने एजेंसी के सामने पेश होने से इंकार कर दिया और कहा कि वे स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में बिजी हैं। 

ED vs Kejriwal. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और प्रवर्तन निदेशालय के बीच अब आर-पार का मामला बनता दिख रहा है। सीएम केजरीवाल ने तीसरी बार ईडी के नोटिस पर पेश होने से मना कर दिया। वहीं, अब एजेंसी के पास विकल्प है कि वह आप प्रमुख के घर छापेमारी कर सके। दूसरी आम आदमी पार्टी के एक मंत्री ने आशंका जाहिर की है कि ईडी किसी भी वक्त अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकती है। यही वजह है कि केजरीवाल के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आइए जानते हैं कि क्या है गिरफ्तारी की प्रक्रिया और ईडी क्या कर सकती है?

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आप ने जाहिर की गिरफ्तारी की आशंका

आम आदमी पार्टी की मंत्री आतिशी ने कहा कि ईडी के अधिकारी इस बात को जानते हैं कि उनका नोटिस अवैध है। अरविंद केजरीवाल ने ईडी को लेटर लिखा है और ईडी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है। आतिशी ने कहा कि वे सच नहीं बता सकते कि उन्हें बीजेपी ऑफिस से ऑर्डर मिल रहे हैं। इस वक्त सिर्फ विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के लोगों को ही नोटिस भेजा ज रहा है। पिछड़े डेढ़ साल की जांच के बाद एक भी सबूत नहीं मिले हैं। यह नोटिस सिर्फ लोकसभा चुनावों के लिए भेजे जा रहे हैं। सभी पार्टियां लोकसभा के लिए एकजुट हैं और इसीलिए ईडी नोटिस भेज रही है।

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क्या गिरफ्तार हो सकते हैं केजरीवाल

एक मामले की सुनवाई के दौरान हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ईडी तभी गिरफ्तार कर सकती है, जब अधिकारी को विश्वास हो कि आरोपी ने क्राइम किया है। सिर्फ पूछताछ में सहयोग न करने की वजह से गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। यही वजह से कि अरविंद केजरीवाल लगातार ईडी के नोटिस को अवैध और राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। राजनैतिक दलों को इस बात की आशंका है कि ईडी अब छापेमारी और गिरफ्तारी कर सकती है।

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