भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि हाल के दिनों में डिजिटल टेक्नोलॉजी ने फूड सेफ्टी नेट को एडवांस किया। 300 बिलियन डॉलर से अधिक लाभ डिजिटल रूप डिस्ट्रीब्यूट किए जा रहे हैं। जबकि 400 मिलियन से अधिक लोगों को नियमित रूप से भोजन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दो बिलियन से अधिक वैक्सीनेशन किया जा चुका है।

S.Jaishankar in UNGA: भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधित करते हुए कहा कि भारत, पृथ्वी के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी साझेदारीको मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और उसके सिद्धांतों पर पूरा भरोसा है। दुनिया एक परिवार की तरह है और परिवार की चिंता सबको मिलकर करनी चाहिए।

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दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत गर्व से खड़ा है

एस.जयशंकर ने कहा कि 18वीं शताब्दी में भारत का वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा था। 20वीं सदी के मध्य तक उपनिवेशवाद ने सुनिश्चित किया कि हम सबसे गरीब देशों में से एक हैं। लेकिन आजादी के 75वें वर्ष में भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आपके सामने गर्व से खड़ा है। भारत आज अपनी स्वतंत्रता के 100वें वर्ष 2047 तक खुद को एक विकसित देश के रूप में देखता है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में डिजिटल टेक्नोलॉजी ने फूड सेफ्टी नेट को एडवांस किया। 300 बिलियन डॉलर से अधिक लाभ डिजिटल रूप डिस्ट्रीब्यूट किए जा रहे हैं। जबकि 400 मिलियन से अधिक लोगों को नियमित रूप से भोजन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दो बिलियन से अधिक वैक्सीनेशन किया जा चुका है।

खाद्य एवं उर्जा मुद्रास्फीति आज सबसे बड़ी चुनौती

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन में संघर्ष ने खाद्य और ऊर्जा मुद्रास्फीति को बढ़ा दिया है और इसे हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में अफगानिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका, यमन और कई अन्य देशों को अनुदान सहायता सहित खाद्यान्न की आपूर्ति की है। उन्होंने कहा कि भारत आज एकतरफ अपने दूरदराज के गांवों को डिजिटल बनाने में लगा है तो दूसरी ओर चांद पर भी उतर रहा है। हमारा मूलभूत विश्वास है कि भारत का अपना विकास बाकी दुनिया से अविभाज्य है। हमारा मानना है कि विकास एक सार्वजनिक हित है। 

कौन कौन प्रमुख रूप से रहा शामिल?

इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष साबा कोरोसी, संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद, मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद और यूएनडीपी प्रशासक अचिम स्टेनर सहित संयुक्त राष्ट्र के गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

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