फ्रांस भारत से पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है। यह स्वदेशी रॉकेट सिस्टम भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और इसकी मारक क्षमता बेहद प्रभावशाली है।

नई दिल्ली। फ्रांस की गिनती दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातक देशों में होती है। भारत ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदा है। रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है कि फ्रांस पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम खरीदना चाहता है। इसके लिए दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।

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इस मामले में फ्रांस की सेना के ब्रिगेडियर जनरल स्टीफन रिचौ ने शनिवार को कहा, "भारत और फ्रांस के बीच सैन्य सहयोग है। हम उपकरण साझा कर रहे हैं। भारत और फ्रांस मिलकर भारत में पनडुब्बियों का निर्माण कर रहे हैं। स्कॉर्पीन क्लास की पनडुब्बियां सबसे जटिल प्रणाली हैं, जिसे इंसान बनाने में सक्षम है। हमारे लिए भारत एक रणनीतिक साझेदार है। हम पिनाका का मूल्यांकन कर रहे हैं। हमें उस तरह की प्रणाली की आवश्यकता है।"

क्या है पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम?

पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम भारत का स्वदेशी रॉकेट सिस्टम है। इसे भारतीय सेना इस्तेमाल करती है। एक लॉन्चर में 12 बैरल होते हैं। सिर्फ 40 सेकंड में सभी 12 रॉकेट फायर हो सकते हैं। इस रॉकेट के दो वर्जन (PINAKA Mk-I और PINAKA Mk-II) है। PINAKA Mk-I का रेंज 40 किलोमीटर है। वहीं, PINAKA Mk-II का रेंज 60 किलोमीटर है।

DRDO ने विकसित किया है पिनाका रॉकेट

पिनाका को भारत सरकार की संस्था DRDO ने विकसित किया है। रॉकेट को 8×8 वाहन पर बने लॉन्चर में रखा जाता है। पिनाका की एक बैटरी में 6 लॉन्चर होते हैं। इसका मतलब है कि इसकी एक बैटरी से एक बार में 72 रॉकेट दागे जा सकते हैं। इतने रॉकेट फायर करने में एक मिनट से भी कम समय लगेगा।

पिनाका रॉकेट में 100 किलोग्राम विस्फोटक होता है। एक पिनाका बैटरी से 700m x 500m के क्षेत्र को पूरी तरह तबाह किया जा सकता है। पिनाका गाइडेड रॉकेट है। इसे सिग्मा 30 आर्टिलरी नेविगेशन और पॉइंटिंग सिस्टम से गाइडेंस मिलती है जिससे यह सटीक वार करता है। सिग्मा 30 लेजर गायरो लैंड नेविगेशन तकनीक पर आधारित है। इसे विशेष रूप से आर्टिलरी और रॉकेट लॉन्चर द्वारा वारहेड रॉकेट की सटीक फायरिंग के लिए डिजाइन किया गया है।

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