गुजरात में एक विवाहित महिला ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए एक भिखारी की हत्या कर दी और उसे जलाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। बाद में महिला पिता के घर पहुंची और सच कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।

राजकोट। गुजरात के कच्छ में एक विवाहित महिला के प्रेमी के साथ घर से भागने के लिए एक निर्दोष भिखारी की हत्या कर दी। उसने भिखारी को जला दिया और इसे आत्महत्या का रूप दिया। बाद में महिला का भेद खुला और उसे प्रेमी के साथ पुलिस ने पकड़ लिया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शनिवार को पुलिस ने 27 साल की रामी केसरिया और उसके प्रेमी अनिल गंगल पर हत्या का मामला दर्ज किया। महिला ने 5 जुलाई को खारी गांव में अपने ससुराल के घर के पास एक अज्ञात साधु की हत्या कर उसके शव को चिता पर जलाने की बात कबूल की है।

रामी ने जलती लकड़ियों के पास अपना मोबाइल फोन और जूते छोड़ दिए थे ताकि उसके माता-पिता और ससुराल वालों को लगे कि उसने आत्महत्या कर ली है। महिला की साजिश काम कर गई थी। दोनों परिवार ने मान लिया था कि वह अब इस दुनिया में नहीं है। दाह संस्कार को पूरा कर दिया कि जली हुई लाशें उसकी ही हैं।

पिता के घर जाकर महिला ने कहा- जिंदा हूं

पुलिस ने बताया कि रामी अपनी शादी से नाखुश थी। उसे विश्वास था कि वह और अनिल तभी साथ रह सकते हैं जब उसे मरा हुआ मान लिया जाए। रामी और अनिल दोनों शादीशुदा हैं। उनकी शादी सामाजिक वजह से नहीं हो सकती थी। रामी 29 सितंबर को भुज तालुका के खारी गांव में अपने पिता के घर पहुंची। मरी हुई बेटी को जिंदा देख उसके पिता को बहुत झटका लगा। रामी ने आत्महत्या का नाटक करने का मकसद बताया। इसके बाद रामी के पिता ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने रामी और अनिल को पकड़ लिया।

पुलिस इंस्पेक्टर एमबी चावड़ा ने बताया कि अनिल ने किसी शव या भिखारी की तलाश की थी। उसने भुज में हमीरसर झील के पास फुटपाथ पर सो रहे एक व्यक्ति को देखा और अपनी साजिश के तहत उसे मारने का फैसला किया।

अनिल और रामी भिखारी को अगवा कर मार डाला

अनिल और रामी ने 3 जुलाई की रात को एक वैन लेकर गए और भिखारी को अगवा कर लिया। वैन में ही उसका गला घोंट दिया। शव को जूट के बोरे में भरकर अगले दिन गांव के बाहरी इलाके में एक सुनसान जगह पर स्थित मवेशी के बाड़े में रख दिया। 5 जुलाई को अनिल 20 लीटर डीजल और लकड़ी के लट्ठे लेकर आया और शव को आग लगा दी। रामी ने अपने पिता को एक वीडियो भी भेजा था जिसमें बताया गया था कि वह अपनी जान दे रही है।

उसी दिन रामी के ससुर ने आग देखी। शव इतना जला हुआ था कि उसकी पहचान करना मुश्किल था। वहां रामी के जूते और मोबाइल फोन मिले। जिससे मान लिया गया कि उसने आत्महत्या कर ली है। कच्छ पश्चिम के एसपी विकास सुंडा ने कहा, "रामी अपराध बोध से ग्रस्त थी। वह पिता के घर अपराध स्वीकार करने आई थी। उसने अपने पिता से कहा कि पुलिस को यह बात नहीं बताए, लेकिन पिता ने पुलिस को जानकारी दी।"

यह भी पढ़ें-महिला ने 2 मासूम बच्चों का किया मर्डर, उसको लगा था इश्क में रोड़ा बनेंगे दोनों