मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने बताया है कि केरल में मानसून 1 जून की जगह 4 जून को आएगा। उत्तर पश्चिम भारत में इस सप्ताह गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।

नई दिल्ली। मानसून आने में चार दिन की देर हो सकती है। मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने यह जानकारी दी है। मौसम विभाग ने पहले कहा था कि एक जून को मानसून केरल पहुंच सकता है। अब मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून के केरल पहुंचने में चार दिन की देर हो सकती है। यह 1 जून की जगह 4 जून को केरल पहुंचेगा।

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मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून आम तौर पर 1 जून को केरल आता है। इसमें लगभग 7 दिनों का अंतर होता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग 2005 के बाद से केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख के लिए पूर्वानुमान जारी कर रहा है। इसके लिए स्वदेशी स्टेट-ऑफ-द आर्ट स्टेटिस्टिक्स मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है। इस मॉडल में 4 दिनों की त्रुटि (अनुमान के डेट से चार दिन तक मानसून के पहले या बाद में आना) के साथ मानसून आने का डेट बताया जाता है।

पिछले साल 29 जून को आया था मानसून

पिछले साल मौसम विभाग ने अनुमान जारी किया था कि केरल में मानसून 27 मई को आ सकता है, लेकिन मानसून का आगमन 29 जून को हुआ था। केरल में आना इस बात का संकेत होता है कि भारत में गर्मी का मौसम खत्म होने वाला है और बारिश का मौसम शुरू हो रहा है।

उत्तर पश्चिम भारत में नहीं मिलेगी गर्मी से राहत

इससे पहले मंगलवार को मौसम विभाग ने कहा था कि आने वाले सात दिनों तक दिल्ली में हीटवेव की स्थिति नहीं रहेगी, लेकिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा। आईएमडी दिल्ली के क्षेत्रीय प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा था कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 15 मई से पहले तक हीटवेव की स्थिति कम गंभीर थी। इसने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों को प्रभावित किया था।

अगला पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत में आ रहा है। अगले 7 दिनों तक हीटवेव की स्थिति की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्व राजस्थान में गर्मी बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।