एनएसओ के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। आंकड़े बताते हैं कि प्रतिकूल वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। 

India's GDP Growth statistics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वित्तीय वर्ष, भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने पर खुशी जाहिर करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के आशाजनक पथ पर बढ़ता कदम बताया है। नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (एनएसओ) ने बुधवार शाम को आंकड़े जारी किए हैं। एनएसओ के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। आंकड़े बताते हैं कि प्रतिकूल वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा-यह भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता

पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत की जीडीपी के आंकड़ों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के जीडीपी वृद्धि के आंकड़े, हमारी मजबूत वित्तीय प्रणाली को दर्शाते हैं। यह आंकड़े ऐसे समय पर आए हैं जब दुनिया आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। मोदी ने कहा कि व्यापक आर्थिक संकेतकों के साथ-साथ प्रदर्शन और विकास पथ हमारे लोगों के लचीलेपन का एक उदाहरण है। समग्र आशावाद और सम्मोहक मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतकों के साथ यह मजबूत प्रदर्शन, हमारी अर्थव्यवस्था के आशाजनक पथ और हमारे लोगों की दृढ़ता का उदाहरण है।

NSO के आंकड़ों ने जीडीपी ग्रोथ की बेहतर उम्मीद जगाई...

एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, जीडीपी ग्रोथ रेट उम्मीद से बेहतर रही। मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.1 फीसदी की दर से बढ़ी जबकि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.2 फीसदी रही। मार्च तिमाही में लगभग सभी सेक्टर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कृषि क्षेत्र में 5.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई। कंस्ट्रक्शन में 10.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,96,983 रुपये है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले महीनों में आर्थिक विकास की गति और तेज होने की संभावना है। एनएसओ ने अप्रैल-जून 2023 तिमाही में विकास दर 13.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, पहले इस दौरान इसके 13.2 फीसदी बढ़ने की उम्मीद थी। इस बीच जुलाई-सितंबर 2023 में विकास दर 6.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

सरकार बोली-विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करेगी अर्थव्यवस्था

केंद्र सरकार का अनुमान है कि विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन करेगी। फरवरी 2023 में जारी राजकोषीय पॉलिसी स्टेटमेंट में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए नॉमिनल जीडीपी विकास दर वार्षिक आधार पर 15.4 प्रतिशत रहने की संभावना है। एक साल पहले 2021-22 के लिए नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट 19.5 फीसदी थी। वहीं, वास्तविक जीडीपी विकास दर एक साल पहले के 8.7 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

क्या है जीडीपी को लेकर आरबीआई का अनुमान?

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर पिछले वित्त वर्ष के 7 फीसदी से कुछ ज्यादा रहने का अनुमान लगाया है। केंद्रीय बैंक ने मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, जीडीपी के आंकड़ों से पहले ही भारत को औद्योगिक उत्पादन में झटका लगा। अप्रैल में आठ प्रमुख उद्योगों की विकास दर में मामूली गिरावट आई है। दूसरी ओर, राजकोषीय घाटा सरकार की उम्मीदों के अनुरूप है।

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