पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 28 लोगों की जान गई। पाकिस्तान ने “southern strategy” के तहत आतंकी हमले कराने की साजिश रची है। जम्मू-कश्मीर में बढ़ते पर्यटन को देखते हुए पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर में शांति और पर्यटकों का आना पाकिस्तान को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। यही वजह है कि उसने “southern strategy” के तहत आतंकी हमले कराने की साजिश रची है। इसी का नतीजा है कि पहलगाम में भीषण आतंकी हमले में 28 लोगों की जान गई है।

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TimesNow की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने LoC के उस पार जम्मू की ओर 32 लॉन्च पैड एक्टिव कर रखे हैं। यहां करीब 100 आतंकी छिपे बैठे हैं। वे घुसपैठ का मौका पाने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, कश्मीर के सामने 10 लॉन्च पैड में 35 आतंकवादी घुसपैठ करने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले छह महीनों में जम्मू की ओर से घुसपैठ की 50 कोशिशें हुई हैं।

ऐसा लग रहा है कि कुछ आतंकवादी दक्षिणी क्षेत्र से घुसपैठ कर कश्मीर की ओर चले गए हैं। 75 आतंकी कश्मीर और 50 जम्मू इलाके में हैं। यह क्षेत्र कम पहाड़ी है। यहां छिपने के लिए कम जगह हैं। जम्मू-कश्मीर में एक्टिव 125 आतंकवादियों में से 10 स्थानीय हैं। 115 आतंकी घुसपैठ कर पाकिस्तान से आए हैं।

ड्रोन की मदद से आतंकियों तक हथियार पहुंचाता है पाकिस्तान

पाकिस्तान आतंकियों को उनकी जरूरत के अनुसार मदद कर रहा है। वह ड्रोन की मदद से आतंकियों तक हथियार पहुंचाता है। 2023 में भारत में पाकिस्तान से भेजे गए 125 ड्रोन बरामद किए गए। 2022 में सुरक्षाबलों ने 300 ड्रोन पकड़े थे।

पहलगाम में कम हुए थे आतंकी हमले

पहले पहलगाम आतंकी हमलों के मामले में अपेक्षाकृत शांत था। यहां 2022 में 107 आतंकी हमले हुए थे। 2023 और 2024 में क्रमशः 27 और 26 आतंकी हमले हुए। 2025 में 31 मार्च तक यहां केवल तीन हमले हुए थे।

पिछले साल जम्मू-कश्मीर में आए 2.35 करोड़ पर्यटक

पिछले साल जम्मू-कश्मीर में 2.35 करोड़ पर्यटक आए थे। पांच लाख श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर गए थे। श्रीनगर के लाल चौक में प्रतिदिन 11,000 पर्यटक आते थे। पर्यटन क्षेत्र चमकने से स्थानीय लोगों को काम मिल रहा था। आर्थिक तरक्की हो रही थी। यह पाकिस्तान और उसके आतंकी आकाओं को पसंद नहीं था। यही वजह है कि पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाया गया।