महाराष्ट्र में एक बार फिर मराठा कोटा (Maharashtra Maratha Quota) की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसके सपोर्ट में बीजेपी के विधायक लक्ष्मण पवार ने इस्तीफा दे दिया है। 

Maharashtra Maratha Quota. महाराष्ट्र में मराठा कोटा की डिमांड कई सालों से की जा रही है और राज्य की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर से गरम हो गया है। महाराष्ट्र में बीजेपी के विधायक लक्ष्मण पवार ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया है कि वर्षों से यह डिमांड पूरी नहीं की जा रही है। लक्ष्मण पवार इस वक्त गवराई विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

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विधानसभा अध्यक को लिखा लेटर

इस्तीफा देने वाले भाजपा विधायक लक्ष्मण पवार ने स्पीकर राहुल नार्वेकर को इस्तीफा भेजा है। पवार ने लिखा कि मराठा आरक्षण की मांग कई सालों से की जा रही है और मैं मराठा समुदाय के लिए इस आरक्षण का समर्थन करता हूं। इसी समर्थन के लिए मैं अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी इस वक्त गठबंधन सरकार में हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना के रूलिंग वाली सरकार में बीजेपी के साथ ही एनसीपी का अजित पवार गुट भी शामिल है।

क्यों दिया लक्ष्मण पवार ने इस्तीफा

शिवसेना के सांसद और चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के करीबी नेताओं ने मराठा आरक्षण का सपोर्ट किया है। हिंगोली और नासिक के शिवसेना सांसदों ने मराठा कोटा का समर्थन किया है। बीजेपी के विधायक का इस्तीफा इसी सपोर्ट के बाद सामने आया है। मौजूदा समय में एक्टिविस्ट मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का मुद्दा फिर से गरम हो गया है। डिमांड की जा रही है कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए। 

इसी मुद्दे को लेकर मनोज जरांगे बीते 25 अक्टूबर से जालना जिले के गांव में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सोमवार को बीड़ जिले में मराठा आरक्षण को लेकर छिटपुट हिंसा की खबरें भी आईं थीं।

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