भावेश जवेरी दुबई में रहकर अपना कारोबार करते हैं। वह हीरा व्यापारी हैं। स्टार जेम्स ग्रुप के सीईओ हैं। दुबई में ही अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं।

मुंबई। अगर आप हवाई जहाज से यात्रा करने जा रहे हों और जब प्लेन में चढ़े तो 360 सीटों में 359 सीटें पर कोई यात्री ही न हो तो आपको कैसा लगेगा। जेहन में एक सवाल तो जरूर आएगा कि एक व्यक्ति के लिए कोई एयरलाइन्स दस-बारह लाख रुपये का नुकसान क्यों करेगी। संभव है सीटें न बुक होने पर फ्लाइट ही कैंसिल कर दी जाए। लेकिन फ्लाइट में मुंबई से दुबई की यात्रा के लिए एक टिकट बुक करने वाले को एयरलाइंस ने अकेले ही पहुंचाया। आश्चर्य होगा लेकिन यह सोलह आने सच है। 

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कौन हैं यह शख़्स

भावेश जवेरी दुबई में रहकर अपना कारोबार करते हैं। वह हीरा व्यापारी हैं। स्टार जेम्स ग्रुप के सीईओ हैं। दुबई में ही अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। वह लगातार मुंबई आते रहते हैं। मई महीने में भी वह मुंबई आए थे। काम खत्म करने के बाद वह दुबई वापस जाने के लिए फ्लाइट की बुकिंग करीब दस दिन पहले ही कर दी। दुबई के कारोबारी जवेरी आमतौर पर बिजनेस क्लास में सफर करते हैं लेकिन इस बार उन्होंने इकोनाॅमी क्लास में ही टिकट बुक कर दी। करीब 18 हजार रुपये में टिकट भी बुक करा लिया। 

19 मई को थी फ्लाइट

भावेश जेवरी की फ्लाइट 19 मई को सुबह साढ़े चार बजे थी। वह एयरपोर्ट पर आधी रात को ही पहुंच गए। जब उन्होंने चेक इन किया तो पता लगा कि 360 सीटें खाली है। उनके पहुंचने के बाद 359 सीटें खाली रह गई। यानी वह अकेले यात्री थे। थोड़ा अविश्वास हुआ लेकिन फिर सोच में पड़ गए कि आखिर एक यात्री के साथ कैसे फ्लाइट होगी। लेकिन उनको बताया गया कि एक व्यक्ति के साथ ही दुबई यह फ्लाइट जाएगी। 

लगा ही नहीं केवल एक यात्री फ्लाइट में है

भावेश जवेरी ने एक मीडिया रिपोर्ट में बताया कि चेक इन के बाद गेट से फ्लाइट तक उनको उसी तरह अटेंड किया गया जैसे पहले की यात्राओं में किया जाता रहा। एमिरेट्स फ्लाइट के स्टाॅफ ने बिल्कुल महसूस होने नहीं दिया कि वह एकमात्र यात्री हैं। हालांकि, आम दिनों से अलग स्टाॅफ थोड़े मजाक के भी मूड में दिखे। पायलट भी काॅकपिट से निकलकर खुद आए और मुस्कुराते हुए पूरे विमान को घूमकर देखने को कहा। 

मुंबई से दुबई से यात्रा में कितना खर्चा

भावेश जवेरी ने बोइंग 777 विमान में यात्रा की थी। यह 360 सीटों वाला विमान है। जानकार बताते हैं मुंबई से दुबई की फ्लाइट करीब 2.30 घंटे की होती है। इसमें 25 टन फ्यूल खर्च होगा। यानी एयरलाइंस ने सिफ् फ्यूल पर 12-15 लाख रुपये खर्च किए होंगे। पूरी यात्रा का खर्च जोड़ा जाए तो 20-25 लाख रुपये बैठेगा। यानी 18 हजार रुपये की एक बुकिंग के लिए एयरलाइंस ने 20-25 लाख रुपये खर्च कर दिए। आखिर एयरलाइंस ने यह दरियादिली क्यों दिखाई। 

दरअसल, इस वजह से एयरलाइंस ने नहीं कैंसिल की फ्लाइट

कोविड महामारी की वजह से यूएई ने भारत से जाने वाले यात्रियों पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए हैं। केवल गोल्डेन वीजा होल्डर्स, यूएई के नागरिक या डिप्लोमेट्स को भी भारत से यूएई जाने की अनुमति है। कमर्शियल फ्लाइट इन तीन कैटेगरी वालों के लिए ही बुकिंग की जा सकती है। असल मामला यह है कि एमिरेट्स एयरलाइंस का विमान दुबई से मुंबई यात्रियों को लेकर आया था। यह विमान खाली भी वापस जाता। लेकिन भावेश ने दुबई जाने के लिए टिकट बुक करा लिया था इसलिए उनको भी जाने की अनुमति मिल गई। 

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