राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद बुधवार को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी घाटी के दौरे पर हैं। राज्य में शांतिपूर्ण तनाव के बीच वे बुधवार को शोपियां में स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए दिखे। इस दौरान उन्होंने लोगों के साथ खाना भी खाया।

श्रीनगर. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी घाटी के दौरे पर हैं। राज्य में शांतिपूर्ण तनाव के बीच वे बुधवार को शोपियां में स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए दिखे। इसमें वे लोगों को धारा 370 हटने के फायदे बताते नजर आ रहे हैं। डोभाल ने लोगों के साथ खाना भी खाया। इसके अलावा उन्होंने पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के जवानों से भी मुलाकात की। इस दौरान डीजीपी दिलबाग सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।

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मोदी सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक भी पेश किया था। यह पास हो गया था। इसके बाद मंगलवार को इसे लोकसभा से पारित कराया गया था। हालांकि, इससे पहले ही जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लगा दी गई थी।

जम्मू-कश्मीर के दो भाग होंगे
जम्मू-कश्मीर के दो भाग होंगे। पहला जम्मू-कश्मीर और दूसरा लद्दाख। दोनों केंद्रशासित राज्य होंगे। लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी। जबकि जम्मू-कश्मीर दिल्ली जैसा ही केंद्रशासित राज्य होगा। हालांकि, अमित शाह ने साफ कर दिया है कि स्थिति नियंत्रण होने पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य बनाने पर विचार किया जाएगा। 

इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी बंद 
3 जुलाई को सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमरनाथ यात्रा रोक दी थी। इसके बाद वहां इंटरनेट और मोबाइल सेवा पर भी रोक लगा दी थी। राज्य में धारा 144 लगी है। स्कूल-कॉलेज भी बंद हैं। इसके अलावा राज्य के नेताओं को भी नजरबंद रखा गया है।