दिग्गज हॉकी खिलाड़ी और पद्म श्री व अर्जुन पुरस्कार विजेता चरणजीत सिंह का निधन हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

नई दिल्ली। दिग्गज हॉकी खिलाड़ी और पद्म श्री व अर्जुन पुरस्कार विजेता चरणजीत सिंह (Charanjit Singh) का निधन गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। दो बार के ओलंपियन चरणजीत 92 वर्ष के थे। वह हॉकी में भारत के गौरवशाली दिनों का हिस्सा थे।

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पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ''प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी, श्री चरणजीत सिंह के निधन से दुखी हूं। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम की सफलताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेष रूप से 1960 के रोम और टोक्यो ओलंपिक में। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना। ओम शांति।"

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एक करिश्माई हाफबैक चरणजीत सिंह ने 1964 के टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम को फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया था। वह रोम में 1960 के ओलंपिक खेलों में रजत जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। 20 नवंबर 1929 को जन्मे चरणजीत सिंह ने कर्नल ब्राउन कैम्ब्रिज स्कूल, देहरादून और पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ाई की थी। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपने शानदार करियर के बाद उन्होंने शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक के रूप में काम किया था।

हॉकी इंडिया ने जताया शोक
हॉकी इंडिया ने चरणजीत के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भारत ने एक महान खिलाड़ी खो दिया। हॉकी इंडिया अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निगोंबम ने कहा कि हॉकी जगत के लिये यह दुखद दिन है। उम्र के इस पड़ाव पर भी हॉकी का जिक्र आने पर उनकी आंखों में चमक आ जाती थी। उन्हें भारतीय हॉकी के उन गौरवशाली दिनों की हर याद ताजा थी, जिनका वह हिस्सा रहे थे।

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