RRTS ट्रेन, दिल्ली-मेरठ के बीच देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम है जो पूरे एनसीआर को जोड़ेगी।

Namo Bharat train: अमृत भारत रेलवे स्टेशन्स और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के बाद अब भारतीय रेलवे ने नया ऐलान किया है। भारतीय रेलवे ने घोषणा की है कि RRTS ट्रेनें अब नमो भारत ट्रेन के रूप में जानी जाएंगी। RRTS ट्रेन, दिल्ली-मेरठ के बीच देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम है जो पूरे एनसीआर को जोड़ेगी।

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20 अक्टूबर को उद्घाटन

भारत के पहले क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का उद्घाटन 20 अक्टूबर 2023 को होने वाला है। भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का नाम बदलकर 'नमो भारत' कर दिया है।

एनसीआर को कवर करेगा आरआरटीएस

आरआरटीएस यानी नमो भारत ट्रेन पूरे एनसीआर को कवर करने के लिए निर्माणाधीन है। लेकिन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का 17 किलोमीटर का प्राथमिकता खंड अभी खोला जाएगा। गाजियाबाद, गुलधर और दुहाई स्टेशनों से गुजरते हुए साहिबाबाद को दुहाई डिपो से जोड़ेगा। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की आधारशिला 8 मार्च 2019 को प्रधान मंत्री द्वारा रखी गई थी।

आरआरटीएस क्या है?

आरआरटीएस, एक नई सेमी हाईस्पीड हाई-फ्रीक्वेंसी कंप्यूटर रेल सिस्टम है। यह एक हाईस्पीड ट्रेन है। इसकी स्पीड 180 किमी/घंटा है। इंटरस्टेट इस ट्रेन का उद्देश्य, संबंधित डेस्टिनेशन के बीच हर 15 मिनट पर हाईस्पीड ट्रेन की उपलब्धता है। हर पांच मिनट में इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का विकल्प भी है।

8 आरआरटीएस रूट

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आठ आरआरटीएस रूट बनाए जाने हैं। इसमें तीन कॉरिडोर, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर को चरण-I में कार्यान्वयन के लिए प्राथमिकता दी गई है।

इन सुविधाओं से लैस होगी आरआरटीएस

आरआरटीएस ट्रेनें रेगुलर मेट्रो ट्रेनों के समान दिखती हैं। यह कई सुविधाओं से लैस हैं। यात्रियों के जरूरत के हिसाब से हर कोच में सामान रखने के लिए रैक और छोटी-छोटी स्क्रीन होती हैं।

इन आरआरटीएस ट्रेनों में प्रत्येक यात्री के पास कंप्यूटर और मोबाइल डिवाइस के लिए चार्जिंग आउटलेट के साथ-साथ ओवरहेड बैगेज रैक और वाई-फाई की सुविधा होगी। कोच में इमरजेंसी कम्युनिकेशन क्षमता के साथ इसे इंटरनेशनल सेफ्टी स्टैंडर्ड के हिसाब से निर्मित कराया गया है।

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