मौसम डेस्क. पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली में टेम्परेचर बढ़ने का पूर्वानुमान है। वहीं, बादल छाये रह सकते हैं। आंधी भी चल सकती है। मौसम में बदलाव की वजह से कई राज्यों में लू चल रही है, हालांकि ज्यादातर राज्यों को इससे राहत मिली है। 

नई दिल्ली. एक नए पश्चिमी विक्षोभ(western disturbances) के सक्रिय होने से दिल्ली सहित कई राज्यों पर मौसम में बदलाव नजर आए। सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग हिस्सों में भीषण लू की स्थिति बनी हुई है और गुजरात क्षेत्र के कुछ हिस्सों में लू चल रही है। हालांकि कई राज्यों को लू से राहत मिली है, लेकिन टेम्परेचर बढ़ा है।

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इन राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान
 भारतीय मौसम विभाग(India Meteorological Department) का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान, अरुणाचल प्रदेश, असम के पूर्वी हिस्सों और केरल और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। शेष पूर्वोत्तर भारत सिक्किम और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। जबकि मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गोवा, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है।

इन राज्यों में लू चल सकती है
गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान और दक्षिण हरियाणा के एक या दो हिस्सों में लू (heat wave) की स्थिति हो सकती है।

बीते दिन इन राज्यों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान, असम, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु और गोवा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।

केरल, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों, सिक्किम और शेष पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश होती रही। जम्मू कश्मीर और तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और तटीय कर्नाटक के एक या दो हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

मौसम में परिवर्तन की ये हैं पांच वजहें
पहली वजह-
भारतीय मौसम विभाग(India Meteorological Department) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ(western disturbances) उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर सक्रिय है।

दूसरी वजह- एक प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पाकिस्तान के मध्य भागों पर बना हुआ है।

तीसरी वजह- स्काईवेट वेदर(skymetweather) के अनुसार, एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पूर्व मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आसपास के हिस्सों पर सक्रिय देखा जा रहा है।

चौथी वजह-एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र श्रीलंका और आसपास के इलाकों पर बना हुआ है।

पांचवीं वजह-दक्षिण छत्तीसगढ़ से तेलंगाना और मराठवाड़ा होते हुए आंतरिक कर्नाटक एक निम्न दबाव की रेखा गुजर रही है।

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