CJP Founder Abhijeet Dipke : CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने अब एक बार फिर मोदी सरकार को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा अब सीधे आर-पार की लड़ाई होगी।

नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बुधवार को छात्र प्रदर्शनकारियों से निपटने के तरीके पर सरकार को लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार को 'शर्म आनी चाहिए' और चेतावनी दी कि अगर केंद्र के वादों के बावजूद छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही, तो एक नया देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

वादा पूरा नहीं किया तो सड़क पर फिर उतरेगी CJP

  • दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर ANI से बात करते हुए दिपके ने आरोप लगाया कि NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बहुत ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो CJP जल्द ही सड़कों पर उतरेगी।
  • दिपके ने ANI से कहा, "सरकार को यह सब नहीं करना चाहिए। वे छात्र थे जो अपने भविष्य के लिए, अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। वे ऐसा मजे के लिए नहीं कर रहे थे। 20 जुलाई को उन पर लाठीचार्ज हुआ। इतना खून बहाने के बाद भी अगर सरकार का लालच पूरा नहीं हुआ है, और अगर वे छात्रों को इसी तरह परेशान करते रहे, तो हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे, और बहुत जल्द उतरेंगे। छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल करना, जैसे कि वे आतंकवादी हों? उन्हें शर्म आनी चाहिए! क्या वे आतंकवादी थे? अमित शाह और नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए।"
  • जब उनसे पूछा गया कि क्या CJP एक और आंदोलन शुरू करेगी, तो दिपके ने दोहराया, “हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे। अगर सरकार नहीं मानती है, अपने तौर-तरीके नहीं सुधारती है, तो हमें यह करना ही पड़ेगा। 

अभिजीत ने क्यों कहा कंगना कौन?

  • बीजेपी सांसद कंगना रनौत की जेन-Z पर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने उन्हें खारिज करते हुए कहा, "उन्हें गंभीरता से लेता ही कौन है?"
  •  उनकी यह टिप्पणी CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास की उस चेतावनी के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर सरकार छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने का लिखित आश्वासन देने में विफल रहती है तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
  •  दास ने आरोप लगाया था कि केंद्र ने CJP को आश्वासन दिया था कि दिल्ली और अन्य बीजेपी-शासित और एनडीए-शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले ली जाएंगी, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई लिखित पुष्टि नहीं दी गई है।