Rahul Gandhi News: लोकसभा में बोलने नहीं देने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और अमित शाह को पद से हटाने की मांग की। जानिए पूरा मामला।

लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर हुई बहस के बाद सियासी विवाद और गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें संसद में अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया और सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं से भी अनुरोध किया, लेकिन फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप

संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित रूप से बर्बरता की गई। उन्होंने दावा किया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और एक छात्र की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संबंधित छात्र का मेडिकल दस्तावेज देखा है, जिसमें पैलेट गन से चोट लगने का उल्लेख होने का दावा किया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान केवल सामान्य लाठियों का ही नहीं, बल्कि शॉक बैटन और कील लगी लाठियों का भी इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में ऐसे जनहित के मुद्दे संसद में उठाना उनका अधिकार है।

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'माफी नहीं मांगूंगा, अमित शाह को हटाया जाए'

राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें संकेत दिया गया था कि यदि वे माफी मांग लें तो उन्हें सदन में बोलने दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह बीजेपी या आरएसएस से माफी नहीं मांगेंगे।

उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि संसद की कार्यवाही के दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते देखा था और उनका कहना है कि गृह मंत्रालय को घटनाक्रम की पूरी जानकारी थी।

सरकार पहले ही आरोपों का कर चुकी है खंडन

इससे पहले सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था। सरकार का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान गोली नहीं चलाई गई थी और पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे।

फिलहाल, छात्रों के प्रदर्शन और संसद में हुई इस तीखी राजनीतिक बहस को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। मामले को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, जबकि घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।

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