बिहार कैबिनेट विस्तार 2026 में बड़ा सियासी सस्पेंस! सम्राट चौधरी की NDA सरकार में 32 मंत्रियों ने शपथ ली, BJP-JDU का दबदबा कायम। निशांत कुमार की एंट्री और गांधी मैदान का हाई-वोल्टेज ड्रामा राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत दे रहा है। नई कैबिनेट से बिहार राजनीति में बड़ा उलटफेर तय माना जा रहा है।
Bihar Cabinet Expansion 2026: बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली NDA सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार पटना के गांधी मैदान में भव्य समारोह के रूप में संपन्न हुआ। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (R), HAM और RLM के नेताओं को जगह दी गई। कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसे शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया, जिसमें देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने इसे और भी अहम बना दिया।
बीजेपी और जेडीयू का दबदबा, छोटे दलों को भी मिली हिस्सेदारी
इस नए मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) को मिली है। बीजेपी के 15 और जेडीयू के 13 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा एलजेपी (R) के 2, HAM का 1 और RLM का 1 मंत्री शामिल किया गया है। यह साफ संकेत देता है कि NDA ने बिहार में गठबंधन संतुलन को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट का विस्तार किया है, जिससे सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
नितीश के मंच पर पहुंचते ही लगे नारे
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नितीश कुमार के मंच पर पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उनके पहुंचने के बाद मंच का माहौल ही बदल गया।
निशांत कुमार की एंट्री ने बढ़ाया राजनीतिक सस्पेंस
इस पूरे मंत्रिमंडल विस्तार का सबसे चौंकाने वाला नाम रहा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का मंत्री बनना। पहली बार राजनीति में सक्रिय रूप से प्रवेश करते हुए निशांत कुमार का कैबिनेट में शामिल होना बिहार की सियासत में नई बहस को जन्म दे रहा है। शपथ ग्रहण से पहले उनका अपने पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेना भी कार्यक्रम का भावनात्मक और राजनीतिक दोनों रूप से अहम क्षण बन गया।
दिग्गजों की मौजूदगी से बढ़ा राजनीतिक संदेश
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक संदेश बना दिया। मंच पर नीतीश कुमार की मौजूदगी और उनके समर्थन में लगे नारों ने भी राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया।
नए चेहरों और पुराने अनुभवी नेताओं का मिश्रण
इस कैबिनेट में अनुभव और नए नेतृत्व का संतुलन साफ दिखाई दिया। विजय कुमार सिन्हा, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी जैसे अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कई नए चेहरे भी मंत्री पद तक पहुंचे हैं। इससे सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा और राजनीतिक स्थिरता दोनों का संकेत मिलता है।
CM- सम्राट चौधरी की कैबिनेट में...
2 डिप्टी CM: विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव(दोनों जेडीयू कोटे से)
भारतीय जनता पार्टी से मंत्री बनने वालों में
- राम कृपाल यादव
- केदार गुप्ता
- नीतीश मिश्रा
- मिथलेश तिवारी
- रमा निषाद
- विजय कुमार सिन्हा
- दिलीप जायसवाल
- प्रमोद चंद्रवंशी
- लखेन्द्र पासवान
- संजय टाइगर
- इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र
- नंद किशोर राम
- रामचंद्र प्रसाद
- अरुण शंकर प्रसाद
- श्रेयसी सिंह शामिल हैं।
जनता दल यूनाइटेड से मंत्री बनने वालों में
- नितीश कुमार के बेटे निशांत कुमार
- श्रवण कुमार
- अशोक चौधरी
- लेसी सिंह
- मदन सहनी
- सुनील कुमार
- जमा खान
- भगवान सिंह कुशवाहा
- शीला कुमारी
- दामोदर राउत
- बुलो मंडल
- रत्नेश सदा शामिल हैं।
- चिराग पासवानी की पार्टी LJP(R) से संजय पासवान और संजय सिंह, जीतन राम माझी की पार्टी हम से संतोष मांझी और आरएलएम से दीपक प्रकाश ने शपथ ली।
बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत
इस विस्तार के बाद बिहार की राजनीति में सत्ता संतुलन और गठबंधन समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। NDA ने न केवल अपनी ताकत दिखाई है, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति का भी स्पष्ट संकेत दिया है।


