बिहार के बेतिया में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। फेरों से ठीक पहले 25 वर्षीय दूल्हे शक्ति नाथ शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
Bihar Wedding Tragedy: बिहार के बेतिया जिले से एक ऐसा हृदयविदारक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने शादी की खुशियों को पल भर में चीख-पुकार और मातम में बदल दिया। जिस मंडप में कुछ ही देर में सात जन्मों के पवित्र बंधन की रस्में पूरी होने वाली थीं, वहां अचानक मौत ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि हर कोई सन्न रह गया। शहनाइयों की गूंज और मांगलिक गीतों के बीच अचानक एक ऐसी त्रासदी घटी, जिसने दो परिवारों को जिंदगी भर का कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया।

बारात का भव्य स्वागत और वरमाला की वो खूबसूरत रात
यह दुखद दास्तान शुरू होती है बेतिया जिले से, जहां 25 वर्षीय शक्ति नाथ शर्मा की बारात पूरे धूमधाम से पूर्वी चंपारण जिले के चिकनी गांव पहुंची थी। चिकनी गांव के रहने वाले संतोष शर्मा की बेटी रघुनी कुमारी के घर पर उत्सव का माहौल था। बैंड-बाजे की धुन पर थिरकते रिश्तेदार, रोशनी से जगमगाता शादी का वेन्यू और वर-वधू को आशीर्वाद देने जुटे सैकड़ों मेहमान, सब कुछ बिल्कुल योजना के मुताबिक चल रहा था। पारंपरिक 'द्वार-पूजा' की रस्म बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इसके बाद दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर आए, जहां दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस बेहद खूबसूरत पल को कैमरों में कैद किया जा रहा था, और किसी को भी आने वाले खौफनाक मोड़ का जरा सा भी अंदाजा नहीं था।
फेरों से ठीक पहले का वो रहस्यमयी सन्नाटा: जब रुक गईं सबकी सांसें
वरमाला की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन को शादी के मुख्य मंडप में लाया गया। पंडित जी ने पवित्र अग्नि प्रज्वलित कर दी थी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फेरों की रस्म शुरू होने ही वाली थी। तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने मंडप में मौजूद लोगों के होश उड़ा दिए। शक्ति नाथ के भाई कर्मी शर्मा के अनुसार, रस्म शुरू होने से ठीक पहले शक्ति नाथ ने अचानक अपने पेट में असहनीय और तेज दर्द होने की शिकायत की। शुरुआत में आस-पास खड़े लोगों ने इसे सामान्य गैस या पेट दर्द समझा और शादी के रंग में भंग न पड़े, इसलिए तुरंत कोई शोर नहीं मचाया। लेकिन कुछ ही मिनटों में सस्पेंस गहरा गया जब दूल्हा दर्द से तड़पने लगा और देखते ही देखते मंडप में ही अचेत होकर गिर पड़ा।
अस्पताल की ओर दौड़ती गाड़ियां और वो आखिरी उम्मीद का टूटना
दूल्हे की हालत तेजी से बिगड़ती देख शादी के घर में अफरा-तफरी मच गई। आनंद-फानन में परिवार वाले और रिश्तेदार उसे लेकर पास के एक निजी अस्पताल की तरफ भागे। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया और बिना समय गंवाए उसे रक्सौल के बड़े SRPS अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एम्बुलेंस की सायरन के बीच सबकी सांसें अटकी हुई थीं, और हर कोई शक्ति नाथ की सलामती की दुआ मांग रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जब तक गाड़ी रक्सौल के अस्पताल पहुंची और डॉक्टरों ने उसकी जांच शुरू की, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद 25 वर्षीय शक्ति नाथ शर्मा को मृत घोषित कर दिया।
शहनाई की जगह गूंजी चीखें: अनाथ परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जैसे ही शक्ति नाथ की मौत की खबर शादी वाले घर में पहुंची, पल भर में पूरा नजारा बदल गया। जो घर कुछ देर पहले तक संगीत और ठहाकों से गूंज रहा था, वहां अब सिर्फ चीखें और रोने की आवाजें आ रही थीं। जिस दुल्हन की विदाई की तैयारियां चल रही थीं, वह इस खबर को सुनते ही बेसुध हो गई। दूल्हे के भाई कर्मा शर्मा ने रुआंसे गले से बताया कि शक्ति नाथ तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उनके माता-पिता का साया पहले ही उनके सिर से उठ चुका था। इस अनाथ परिवार के लिए यह शादी खुशियों का एक नया सवेरा लेकर आने वाली थी, लेकिन विधाता के इस क्रूर फैसले ने दोनों ही परिवारों को एक ऐसे गहरे सदमे और कभी न खत्म होने वाले दुख में धकेल दिया है, जिससे उबर पाना उनके लिए नामुमकिन लग रहा है।


