Smit Machchhar : 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ा रहा विमान फ्लाईदुबई की FZ1073 में अगर कैप्टन स्मित मच्छार अपनी सूझबूझ और बहादुरी नहीं दिखाते तो 9/11 जैसा बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने अपनी जान पर खेलकर 174 लोगों को मौत के मुंह से बचा लिया।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर आज भारत ही नहीं, पूरी दुनिया गर्व कर रही है। किसी ने उनको शेर बताया तो किसी ने उनको असली हीरो कहा। वहीं कुछ ने तो यहां तक कहा कि वह 174 लोगों को मौत के मुंह से बचाने बाले किसी मसीहा से कम नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी बहादुरी और साहस की सराहना की है।
पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित को बताया असली हीरो
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित को “हीरो” बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। मोदी के मुताबिक, उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी टालने में मदद मिली।
- मोदी ने परिवार से भी बात की: प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इजरायली PM ने बोले स्मित नहीं होते तो 9/11 जैसी घटना होती
- इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू: उन्होंने स्मित को “सच्चा हीरो” बताया और कहा कि चाकू से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की।
- नेतन्याहू ने 174 लोगों का जिक्र करते हुए कहा , कैप्टन स्मित की कार्रवाई से विमान में सवार 174 लोगों, जिनमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे, की जान बचाने में मदद मिली और एक बड़ी हवाई त्रासदी टली। अगर वह नहीं होते तो 9/11 जैसी घटना होना तय था।
डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्मित की बहादुरी को किया सलाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित को “हीरो” बताया। उन्होंने कहा कि पायलट की हालत बेहद खराब थी, फिर भी उसने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। ट्रंप ने घटना में यात्रियों की भूमिका भी बताई: ट्रंप के मुताबिक, इजरायली यात्री ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को हटाने में मदद की और यात्रियों ने मिलकर उसे काबू किया


