INDIA Alliance Protest: चुनाव में धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन आज दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी के बुलावे पर हजारों कार्यकर्ता जुटे हैं, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात है।
Gyanesh Kumar Resignation: चुनाव में धांधली (SIR) का आरोप लगाते हुए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता आज दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर रहे हैं। इनकी सीधी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को ही सोशल मीडिया पर इस रैली का पूरा रूट मैप शेयर कर दिया था। उन्होंने लिखा था, 'कल मिलते हैं, साथ चलते हैं। कनॉट प्लेस, मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेंगे।' उन्होंने लोगों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की थी। इसी वजह से आज सुबह से ही रामलीला मैदान में भीड़ जुटने लगी है।
दिल्ली पुलिस का कड़ा पहरा
इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से रामलीला मैदान को 14 अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। भीड़ को संभालने के लिए करीब 4 हजार पुलिसवाले तैनात किए गए हैं। इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर 150 एक्स्ट्रा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह रैली रविवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, और बड़े पुलिस अफसर खुद सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं।
खरगे के घर पर हुई सीक्रेट मीटिंग
दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक अलग तरह का राजनीतिक कार्यक्रम तय किया है, जिसे 'जनता की अदालत में महाभियोग' नाम दिया गया है।
20 कमेटियों को मिली जिम्मेदारी
इस रैली को हिट कराने के लिए कांग्रेस ने पक्की प्लानिंग की है। प्रदेश कांग्रेस ने इसके लिए 20 अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं। भीड़ को कंट्रोल करने में पुलिस की मदद के लिए कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं को भी मैदान में उतारा गया है।
महाराष्ट्र से पहुंचे 5 हजार कार्यकर्ता
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि रामलीला मैदान की इस रैली में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र से करीब 5 हजार कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं, कन्नड़ राज्योत्सव होने के बावजूद पूर्व सीएम सिद्धारमैया और केपीसीसी अध्यक्ष समेत कर्नाटक कांग्रेस के कई बड़े नेता भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। फिलहाल सबकी नजरें आज के इस प्रदर्शन और इसके बाद होने वाले सियासी बवाल पर टिकी हैं।




