Bharat Mandapam security: 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली एक अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में है। शहर में 15,000 पुलिसकर्मियों और केंद्रीय बलों की 200 कंपनियों को तैनात किया गया है। दुनिया के नेताओं के आगमन के साथ, भारत मंडपम सहित कई इलाकों में सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं।
BRICS Summit Bharat Mandapam- नई दिल्ली: 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राजधानी दिल्ली पूरी तरह तैयार है और शहर को एक अभूतपूर्व सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया गया है। केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। आज से दिल्ली ग्लोबल डिप्लोमेसी का बड़ा सेंटर बनने जा रही है।
यह सम्मेलन इसलिए भी खास है क्योंकि यह पश्चिम एशिया में तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक संकट के बीच हो रहा है। ऐसे में दुनिया के बड़े नेता 'ग्लोबल साउथ' की अहमियत बताने के लिए दिल्ली में जुट रहे हैं। ब्रिक्स समिट कल और परसों, यानी दो दिनों तक भारत मंडपम में होगी। दुनिया के बड़े नेताओं का आज से ही दिल्ली पहुंचना शुरू हो जाएगा।
किन नेताओं से पीएम मोदी करेंगे अलग से बैठक
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेसेश्कियान आज दिल्ली पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कल पहुंचेंगे। इन सभी वर्ल्ड लीडर्स के ठहरने का इंतजाम दिल्ली के अलग-अलग फाइव-स्टार होटलों में किया गया है। भारत मंडपम और शहर के बड़े होटलों को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन बना दिया गया है। इन इलाकों में हवाई और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। दिल्ली के कई बड़े होटल पहले ही अलग-अलग देशों की सुरक्षा टीमों के पूरे कंट्रोल में आ चुके हैं।
प्राइवेट गाड़ी को जाने की इजाजत नहीं
भारत मंडपम की तरफ किसी भी प्राइवेट गाड़ी को जाने की इजाजत नहीं होगी। मीडियाकर्मियों को भी जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से चलने वाली स्पेशल बसों से ही वेन्यू तक जाना होगा। भारत मंडपम के अंदर भी नियम काफी सख्त हैं। मीडिया को सिर्फ इंटरनेशनल मीडिया सेंटर तक ही जाने की इजाजत होगी। जहां मुख्य बैठकें होंगी, वहां सिर्फ नेताओं और अधिकारियों को ही एंट्री मिलेगी। हमेशा की तरह नुकीली चीजों के अलावा, रिमोट वाली कार की चाबियां, फ्लास्क और दूरबीन जैसी चीजें भी भारत मंडपम के अंदर ले जाने पर पाबंदी है।
15,000 जवानों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की 200 पुलिस तैनात
सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की 200 कंपनियों को शहर में अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है। शहर की अहम सड़कों पर अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं और सीसीटीवी से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इन पाबंदियों का सबसे ज्यादा असर सेंट्रल और साउथ दिल्ली पर पड़ेगा। जनपथ और कर्तव्य पथ जैसी दिल्ली की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक पर खास पाबंदियां रहेंगी, इसलिए शहर में निकलने वालों को यह ध्यान रखना होगा।
22 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन पॉइं
शहर में 22 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं। ट्रेन या फ्लाइट से यात्रा करने वालों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन या एयरपोर्ट के लिए जल्दी निकलें, क्योंकि सफर में ज्यादा वक्त लग सकता है। हालांकि, मेट्रो सेवाओं पर कोई रोक नहीं है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा मेट्रो का इस्तेमाल करें। दिल्ली आने वाले हर नेता के साथ 100 से ज्यादा लोगों का प्रतिनिधिमंडल भी है। इसलिए विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन सभी के बीच तालमेल बिठाना एक बड़ी चुनौती है।

