PM Modi and Putin Meeting: ब्रिक्स समिट में पुतिन सदस्य देशों के साथ आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरे का मुख्य मकसद भारत-रूस की दोस्ती को और मजबूत करना है।
नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और भारत-रूस के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। राजधानी पहुंचने पर पालम एयरपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और रूसी राजनयिकों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। पुतिन के इस दौरे को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।
दिल्ली पहुंचते ही पुतिन के दौरे पर टिकी दुनिया की नजरें
रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। ऐसे समय में जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध और बदलते आर्थिक समीकरणों का सामना कर रही है, भारत और रूस के शीर्ष नेतृत्व की यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के पुराने और मजबूत संबंधों को नई दिशा देने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच होगी अहम द्विपक्षीय बैठक
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में भारत और रूस के बीच मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य की साझेदारी पर भी बातचीत हो सकती है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर रहेगी।
रक्षा सहयोग और ऊर्जा साझेदारी रहेंगे बड़े मुद्दे
भारत और रूस लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में अहम साझेदार रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक में रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र भी बातचीत के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगा। बदलते वैश्विक ऊर्जा बाजार के बीच दोनों देश अपनी साझेदारी को नई मजबूती देने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
व्यापारिक रिश्तों को नई रफ्तार देने पर होगा जोर
द्विपक्षीय बातचीत में भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहेगा। दोनों देश आपसी व्यापार बढ़ाने और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने पर चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि निवेश, भुगतान व्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर भी बातचीत हो सकती है।
BRICS समिट में वैश्विक मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा
पुतिन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के प्रमुख संगठन BRICS के शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। समिट के दौरान सदस्य देशों के नेता आर्थिक सहयोग बढ़ाने, विकासशील देशों की भूमिका मजबूत करने और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हो रहे बदलावों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
क्षेत्रीय सुरक्षा और बदलते विश्व समीकरणों पर मंथन
BRICS सम्मेलन में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा भी चर्चा का अहम विषय हो सकती है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच सदस्य देश साझा चुनौतियों और सहयोग के नए रास्तों पर विचार कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुतिन इस दौरान अन्य विश्व नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकातें भी कर सकते हैं।
भारत-रूस की दोस्ती को मिलेगा नया संदेश
पुतिन का भारत दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्रों में भारत-रूस संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। BRICS मंच के जरिए यह दौरा बदलते वैश्विक समीकरणों में दोनों देशों की भूमिका को भी मजबूत संदेश दे सकता है।

