मुरादाबाद-अलीगढ़ 4 लेन हाईवे से सफर तेज होने की उम्मीद है। NHAI भूमि अधिग्रहण शुरू कर चुका है। कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और पीतल कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।
मुरादाबाद से अलीगढ़ और आगरा का सफर जल्द ही पहले से कहीं आसान और तेज होने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मुरादाबाद-चंदौसी-अलीगढ़ मार्ग को हाई-स्पीड 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद मुरादाबाद से अलीगढ़ की दूरी करीब 2 घंटे और आगरा का सफर करीब 3 घंटे में पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
69 गांवों से होकर गुजरेगा नया कॉरिडोर
NHAI ने परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित मार्ग मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र से शुरू होकर चंदौसी, बहजोई, बबराला और डिबाई होते हुए अलीगढ़ तक जाएगा। इसे फिलहाल 4-लेन बनाया जाएगा, लेकिन भविष्य में 6-लेन विस्तार की क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।
कॉरिडोर संभल और गुन्नौर तहसील के करीब 69 गांवों से होकर गुजरेगा। गुन्नौर के आगे जिजोड़ा डंडा के पास गंगा नदी पार कर यह बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ पहुंचेगा।
यह भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: PM मोदी ने कहा ‘All Set’, अब सात साल बाद होने जा रहा है ये बड़ा मिलन
गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक, कई शहरों तक आसान सफर
इस परियोजना की खासियत गंगा एक्सप्रेसवे से प्रस्तावित इंटरचेंज कनेक्शन है। संभल-बदायूं क्षेत्र के पास लिंक मिलने से मुरादाबाद और आसपास के जिलों की मेरठ, हापुड़, लखनऊ और प्रयागराज जैसे शहरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे से जुड़ने पर मुरादाबाद की आगरा तक कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। इससे चंदौसी, बबराला और दूसरे कस्बों के मौजूदा ट्रैफिक दबाव से यात्रियों को राहत मिल सकती है।
मुरादाबाद के पीतल कारोबार को भी मिल सकता है फायदा
नया कॉरिडोर सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुरादाबाद के पीतल उद्योग में अलीगढ़ से आने वाली कच्ची मूर्तियों की फिनिशिंग और तराशने का काम होता है।
कारोबारियों के मुताबिक बेहतर सड़क संपर्क से अलीगढ़ से कच्चा माल तेजी से मुरादाबाद पहुंच सकेगा। इससे उत्पादन चक्र छोटा होने और ग्राहकों की मांग समय पर पूरी करने में मदद मिल सकती है। हालांकि परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और यातायात संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यह भी पढ़ें: 24 घंटे पहले नोटिस, फिर बुलडोजर... बंडा में आरोपियों के अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
