BRICS Summit 2026 से पहले PM मोदी ने ‘All set for BRICS 2026’ वीडियो शेयर किया। 12-13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में शी जिनपिंग समेत 11 देशों के नेता जुटेंगे। सात साल बाद Xi की भारत यात्रा इसे खास बना रही है।

नई दिल्ली एक बार फिर दुनिया की बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। 18वें BRICS Leaders’ Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो रील शेयर कर माहौल साफ कर दिया—“All set for BRICS 2026!” अब 12 और 13 सितंबर को भारत की मेजबानी में होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है।

यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक राजनीति कई मोर्चों पर तेजी से बदल रही है। इसलिए दिल्ली में जुटने वाले नेताओं की तस्वीर सिर्फ एक औपचारिक समूह फोटो नहीं होगी, बल्कि बदलती विश्व व्यवस्था का संकेत भी दे सकती है।

Bharat Mandapam में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता

BRICS Summit 2026 का आयोजन नई दिल्ली के Bharat Mandapam में होगा। भारत चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस साल की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।

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BRICS में फिलहाल 11 पूर्ण सदस्य हैं—ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो समेत कई नेताओं के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।

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सात साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग

इस सम्मेलन की सबसे बड़ी कूटनीतिक तस्वीरों में से एक शी जिनपिंग की भारत यात्रा होगी। चीन के राष्ट्रपति 12 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे। यह सात साल बाद उनका पहला भारत दौरा होगा। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शी मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं और दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी प्रस्तावित है। यही मुलाकात इस BRICS Summit को और महत्वपूर्ण बनाती है। सीमा विवाद और दोनों देशों के बीच जटिल रिश्तों के बावजूद BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत-चीन संवाद की अपनी अहमियत है।

मोदी का संदेश सिर्फ ‘All Set’ तक सीमित नहीं

मोदी का सोशल मीडिया संदेश भले छोटा हो, लेकिन दिल्ली सम्मेलन की तैयारियों का संकेत बड़ा है। भारत के लिए यह सिर्फ BRICS की मेजबानी नहीं, बल्कि वैश्विक दक्षिण में अपनी भूमिका, रणनीतिक स्वायत्तता और बदलती विश्व व्यवस्था में अपने प्रभाव को सामने रखने का मौका भी है। अब देखना यही होगा कि Bharat Mandapam में होने वाली बैठकों से कौन से संदेश निकलते हैं और क्या दिल्ली अलग-अलग हितों वाले BRICS देशों को किसी साझा एजेंडे पर साथ ला पाती है।

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