Breaking: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई तेहरान पर US-इज़राइल के जॉइंट स्ट्राइक में मारे गए। ईरान ने इन खबरों से इनकार किया है। क्या मिडिल ईस्ट बड़े पैमाने पर युद्ध की ओर बढ़ रहा है? पूरा एनालिसिस और लाइव अपडेट पढ़ें।

Iran Supreme Leader: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त एयर स्ट्राइक में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गया है। यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनिया भर के उन लोगों के लिए इंसाफ़ है, जिन्हें खामेनेई ने नुकसान पहुंचाया।" लेकिन ईरान की सरकारी मीडिया ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। IRNA और ईरान टाइम्स के सूत्रों के मुताबिक, खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित और ठीक हैं, और अभी भी देश के रणनीतिक फैसलों को देख रहे हैं।

Scroll to load tweet…

तेहरान में एयर स्ट्राइक का निशाना कौन था?

शनिवार को US-Israel संयुक्त हमलों की पहली लहर ने तेहरान के पाश्चर इलाके को निशाना बनाया। यही वह इलाका है जहां सुप्रीम लीडर का कंपाउंड और कई मिलिट्री हेडक्वार्टर मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों में ईरान के डिफेंस मिनिस्टर आमिर नसीरज़ादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर मोहम्मद पाकपुर के मारे जाने की भी खबर है। हालांकि इन दावों पर भी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। इससे एक बड़ा सवाल उठता है-अगर खामेनेई भी मारे गए तो ईरान में सत्ता का नियंत्रण कौन संभालेगा?

क्या IRGC सत्ता संभाल सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खामेनेई की मौत सच साबित होती है, तो कट्टरपंथी Iran Revolutionary Guards Corps (IRGC) सत्ता पर मजबूत पकड़ बना सकते हैं। इससे न सिर्फ देश के अंदरूनी संतुलन पर असर पड़ेगा, बल्कि मिडिल ईस्ट में US और इज़राइल के साथ तनाव भी बढ़ सकता है।

खामेनेई का रहस्यमयी X पोस्ट

दावा सामने आने के तुरंत बाद, खामेनेई के X (पहले Twitter) अकाउंट से एक रहस्यमयी संदेश पोस्ट किया गया। इसमें फ़ारसी में लिखा गया, "नामी हैदर (उन पर शांति हो) के नाम पर।" इसे ईरानी मीडिया ने इस तरह पेश किया कि सुप्रीम लीडर अभी भी सक्रिय हैं और देश के फैसलों में पूरी तरह शामिल हैं।

Scroll to load tweet…

क्या ट्रंप का दावा सिर्फ़ राजनीतिक दबाव है?

कई विश्लेषक मानते हैं कि ट्रंप और इज़राइल की ओर से यह दावा स्ट्रेटेजिक दबाव और दुनिया के ध्यान को मोड़ने के लिए हो सकता है। हालांकि, अगर यह सच साबित होता है, तो यह ईरान की 47 साल पुरानी इस्लामिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा झटका होगा।

अली खामेनेई का इतिहास और प्रभाव

86 साल के खामेनेई 1989 से ईरान पर राज कर रहे हैं। उनके पास शिया इस्लामिक रिपब्लिक में मिलिट्री, ज्यूडिशियरी और सरकार की सभी शाखाओं पर पूर्ण अधिकार है। उन्होंने पश्चिम के साथ कई संघर्षों का सामना किया और मिडिल ईस्ट में अपनी प्रॉक्सी ताकतों के ज़रिए असर बनाए रखा। पिछले साल भी US और इज़राइल के हवाई हमलों के दौरान खामेनेई को छिपना पड़ा था, जिससे उनके कई करीबी अधिकारी मारे गए थे और न्यूक्लियर फैसिलिटी को नुकसान हुआ था।

मिडिल ईस्ट और दुनिया पर प्रभाव

अगर सुप्रीम लीडर की मौत की पुष्टि होती है, तो ईरान बदले की कार्रवाई कर सकता है। इससे:

  • IRGC सत्ता पर कब्ज़ा कर सकता है।
  • ईरान-US-Israel संघर्ष और बढ़ सकता है।
  • तेल और वैश्विक बाजारों पर असर पड़ेगा।
  • मिडिल ईस्ट में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

दुनिया अब यह देखने के लिए बेताब है कि क्या यह दावा सच है या सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा।