Election Commission ने आंतरिक मतभेदों और असहमति वाली मीडिया रिपोर्ट पर आधिकारिक बयान जारी किया है। ECI ने स्पष्ट किया है कि संस्था में चर्चा आम है और पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मत रहे हैं।

Election Commission Dissent Report: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के अंदर खाने सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है-ऐसी खबरें हाल ही में मीडिया में खूब उछलीं। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों ने कई फैसलों पर आपत्ति जताई है। दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई फैसलों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि उन्हें इनकी जानकारी नहीं थी। इन तमाम सुगबुगाहटों और विवाद के बीच अब खुद चुनाव आयोग ने मोर्चा संभालते हुए अपना आधिकारिक बयान जारी कर दिया है। आयोग ने साफ किया है कि संस्थान के भीतर अलग-अलग विचारों का होना आम बात है, लेकिन पिछले एक साल में लिए गए सभी बड़े फैसले पूरी तरह से सर्वसम्मत रहे हैं।

ECI Statement: आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि अंतिम फैसला लेने से पहले अधिकारियों और आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श होना सामान्य है। आयोग के मुताबिक, तीनों चुनाव आयुक्तों समेत हर अधिकारी को चुनावी व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देने का अधिकार है। ECI ने कहा कि केवल कुछ आंतरिक नोट और विचार सामने रखने से पूरी तस्वीर नहीं दिखती। आयोग के अनुसार, पिछले करीब एक साल में कई फैसले, निर्देश और चुनावी सुधार किए गए हैं और ये सभी पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए।

Election Commission Row: रिपोर्ट में क्या दावा?

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्तियां दर्ज कीं। ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं। रिपोर्ट में Form 6 में बदलाव और मतदाता सूची के डिजिटल डेटाबेस के नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए जाने का उल्लेख है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में इसे अनधिकृत या नियमों के अनुरूप नहीं होने की बात कही थी।

SIR पर ECI का पक्ष

चुनाव आयोग ने अपने बयान में मतदाता सूची के संशोधन, जिसमें Special Intensive Revision (SIR) भी शामिल है, को पिछले एक साल में किए गए चुनावी सुधारों का हिस्सा बताया। आयोग ने करीब 40 नई पहलों और कई चुनावी सुधारों का भी उल्लेख किया। इस बीच, Indian Express की रिपोर्ट ने आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों को सामने रखा है। इस तरह फिलहाल एक तरफ ECI का कहना है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से हुए, वहीं रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की कई मुद्दों पर दर्ज आपत्तियों का विवरण दिया गया है।