गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या मामले में पुलिस ने मोबाइल फोन के IMEI नंबर हासिल कर लिए हैं। ऑनलाइन गेमिंग और कोरियन कल्चर एंगल की जांच जारी है। परिवार की आर्थिक स्थिति और परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
Ghaziabad Sisters Suicide Case Latest Updates: गाजियाबाद में 3 फरवरी की रात तीन बहनों की आत्महत्या के मामले में अब तक पिता की बातें सामने आई हैं, लेकिन बच्चियों की मां अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब बच्चियां नीचे गिरीं, उस समय मां जोर-जोर से रो रही थीं और पति को गालियां दे रही थीं।
पुलिस को मिले इस्तेमाल और बेचे गए मोबाइल के IMEI नंबर
इस मामले की जांच कर रही गाजियाबाद पुलिस ने लड़कियों द्वारा इस्तेमाल किए गए और बाद में बेचे गए मोबाइल फोन के IMEI नंबर हासिल कर लिए हैं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि अब इन डिवाइस को ट्रैक कर डेटा निकाला जाएगा।
टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम एंगल की जांच
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या लड़कियां किसी टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम या एप्लिकेशन से जुड़ी थीं। हालांकि, अब तक कोरियन टास्क-बेस्ड एप्लिकेशन के इस्तेमाल का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों लड़कियों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरने से उनकी पसलियां टूट गई थीं और अंदरूनी अंगों को भारी नुकसान पहुंचा था।
पिता और मां से 2 घंटे तक पूछताछ
गुरुवार को पुलिस ने लड़कियों के पिता चेतन कुमार और उनकी पत्नी से करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ घटनाक्रम को दोबारा समझने और केस की कड़ियों को जोड़ने के लिए की गई। शुरुआती जांच में बहनों के कमरे से 8 पन्नों की एक पॉकेट डायरी मिली है। इसमें कोरियाई संस्कृति के प्रति गहरा लगाव और पारिवारिक तनाव के संकेत मिले हैं।
पहले दिलाए फिर क्यों बेच दिए मोबाइल फोन?
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस निमिष पाटिल के अनुसार, पिता चेतन कुमार ने निशिका के लिए करीब तीन महीने पहले और प्राची के लिए 15 दिन पहले मोबाइल फोन खरीदा था। उन्होंने बताया कि कोरियन कल्चर के प्रति बेटियों का बढ़ता झुकाव देखकर पिता ने दोनों फोन छीन लिए और बाद में उन्हें बेच दिया था।
खरीदारों की पहचान कर फोन बरामद करेगी पुलिस
DCP ने बताया कि पुलिस का पहला कदम मोबाइल फोन के खरीदारों की पहचान करना और डिवाइस बरामद करना होगा। इसके बाद डेटा निकालकर यह जांच की जाएगी कि किस तरह के गेम या ऐप इस्तेमाल किए जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति भी देखी जा रही है। इसमें कथित प्रॉपर्टी डीलिंग, कर्ज और अन्य वित्तीय पहलुओं की जांच शामिल है।
पिता का दावा: रात भर खेलती थीं ऑनलाइन गेम
मीडिया से बातचीत में चेतन कुमार ने दावा किया कि उनकी बेटियां कोरियन कल्चर से बहुत प्रभावित थीं और देर रात तक टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम खेलती थीं। लड़कियों ने अपने नाम तक कोरियन नामों में बदल लिया था और वे ऑनलाइन कोरियन दोस्तों के संपर्क में थीं।
निगम बोध घाट पर हुआ तीनों बहनों का अंतिम संस्कार
तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार शाम को दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया। बता दें कि निशिका, प्राची और पाखी ने इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रांस-हिंडन पुलिस क्षेत्र के भारत सिटी सोसाइटी में स्थित अपने रेजिडेंशियल टावर की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। लड़कियों के पिता चेतन कुमार 2010 में शादी के बाद गाजियाबाद आ गए थे। उन्होंने दिल्ली में स्थित अपना पैतृक गांव खजूरी खास छोड़ दिया था, जहां उनकी पुश्तैनी संपत्ति है।
सरकार से ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स पर बैन की मांग
चेतन कुमार ने माना कि शुरुआत में उन्होंने बेटियों की गतिविधियों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने सरकार से अपील की कि युवा पीढ़ी और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए ऐसे ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स पर बैन लगाया जाए।


