गुरुग्राम में एक महिला को 2 साल तक बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। पश्चिम बंगाल की 39 वर्षीय पीड़िता को फ्लैट में कैद कर पीटा जाता था। बहन को गुप्त फोन करने पर पुलिस, प्रशासन और NGO ने मिलकर उसे छुड़ाया।
गुरुग्राम में एक महिला को दो साल तक एक फ्लैट में कैद रखकर बंधुआ मजदूरी कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस, जिला प्रशासन और एक NGO ने मिलकर महिला को छुड़ाया है। महिला को इतनी बुरी तरह पीटा जाता था कि उसके एक कान ने काम करना बंद कर दिया है। पीड़ित महिला का नाम भादू मांडी है और उनकी उम्र 39 साल है। वह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रहने वाली हैं और एक आदिवासी समुदाय से आती हैं। उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर 91 में डीएलएफ गार्डन सिटी के एक फ्लैट से रेस्क्यू किया गया।

महिला के रिश्तेदारों का कहना है कि भादू को दिल्ली में घरेलू काम के लिए लाया गया था। इसके लिए उनके परिवार को 40,000 रुपये एडवांस दिए गए थे। लेकिन यहां लाने के बाद सब कुछ बदल गया। भादू की बहन लक्ष्मी टुडू ने आरोप लगाया कि फ्लैट में उनसे हर दिन 16 घंटे से ज्यादा जबरदस्ती काम कराया जाता था। उन्हें बुरी तरह पीटा भी जाता था। उन्हें न तो घर से बाहर जाने दिया जाता था और न ही परिवार से बात करने की इजाजत थी। फ्लैट में स्मार्ट लॉकिंग सिस्टम लगा था। जब भी फ्लैट मालिक बाहर जाते थे, तो भादू को अंदर ही लॉक कर देते थे। यह पूरा मामला तब खुला जब कुछ दिन पहले फ्लैट में मरम्मत के लिए आए एक सर्विस टेक्नीशियन के फोन से भादू ने चुपके से अपनी बहन को फोन कर दिया।
इसके बाद भादू की बहन लक्ष्मी ने पश्चिम बंगाल में अधिकारियों से संपर्क किया। 4 जून को पश्चिम बंगाल के इलमबाजार पुलिस स्टेशन में बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 और जबरन मजदूरी से जुड़ी धारा 127(4) के तहत केस दर्ज किया गया। 'नारी ओ शिशु कल्याण केंद्र' नाम के एक NGO ने परिवार की मदद की और मामले को गुरुग्राम के अधिकारियों तक पहुंचाया।
जांच के बाद लेबर डिपार्टमेंट ने माना कि यह बंधुआ मजदूरी का मामला है और गुरुग्राम के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से तुरंत कार्रवाई की सिफारिश की। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने पुलिस को एक्शन लेने का निर्देश दिया। इसके बाद भादू की बहन लक्ष्मी गुरुग्राम पहुंचीं और पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम भी दिल्ली आई। पश्चिम बंगाल पुलिस, गुरुग्राम पुलिस और जिला प्रशासन ने मिलकर छापा मारा और महिला को छुड़ा लिया।
छुड़ाए जाने के बाद भादू ने अधिकारियों को बताया कि मालिक की लगातार पिटाई की वजह से वह अपना दाहिना हाथ नहीं उठा पा रही हैं और उनके दाहिने कान से सुनाई देना भी बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू से ठीक एक दिन पहले सुबह भी उन्हें बुरी तरह पीटा गया था और उन्हें अपनी जान का डर लग रहा था। फिलहाल, घायल महिला को मेडिकल मदद दी जा रही है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
