होर्मुज़ जलडमरूमध्य में भारतीय टैंकर सनमार हेराल्ड पर कथित गोलीबारी से तनाव बढ़ा। ईरानी IRGC पर फायरिंग के आरोप, जहाजों को लौटना पड़ा। भारत ने ईरान से विरोध दर्ज किया। घटना से होर्मुज़ स्ट्रेट, शिपिंग सुरक्षा और तेल व्यापार संकट बढ़ा।
Indian Tanker Sanmar Herald: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उस समय भारी तनाव फैल गया जब भारतीय ध्वज वाले टैंकर सनमार हेराल्ड के कप्तान की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई। इसमें कप्तान ईरानी सैन्य बलों (IRGC) से बार-बार गुहार लगाते हुए सुनाई देता है कि उन्हें पहले पारगमन की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब उन पर गोलीबारी हो रही है। कप्तान की आवाज़ में घबराहट साफ झलकती है-“आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी… अब आप गोलीबारी कर रहे हैं… मुझे वापस लौटने दीजिए।” यह संदेश उस समय का बताया जा रहा है जब जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
गनबोटों से फायरिंग और अचानक बदला रास्ता
रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गनबोटों ने दो व्यापारिक जहाजों को रोकने के दौरान गोलीबारी की। इन जहाजों में एक सुपरटैंकर भी शामिल था, जिसमें लगभग 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लदा हुआ था। फायरिंग के बाद दोनों जहाजों को अपना मार्ग बदलकर पश्चिम दिशा में लौटना पड़ा। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी पुष्टि की है कि समुद्री क्षेत्र में हथियारबंद नावों की गतिविधि देखी गई थी।
“होर्मुज़ फिर से बंद”-VHF प्रसारण ने बढ़ाई दहशत
घटना के दौरान कई जहाजों ने एक रेडियो प्रसारण सुना, जिसमें दावा किया गया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को “पूरी तरह बंद” कर दिया गया है। प्रसारण में कहा गया कि अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया है और किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। इस संदेश ने पूरे समुद्री क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके बाद कई जहाजों ने तुरंत अपनी दिशा बदल ली।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: ईरानी राजदूत तलब
घटना के बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया और इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
ईरान की सफाई और कूटनीतिक संतुलन की कोशिश
इस बीच, ईरान की ओर से स्थिति को शांत करने की कोशिश भी दिखाई दी। भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें घटना के विस्तृत विवरण की जानकारी नहीं है और दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामला जल्द सुलझ जाएगा।
समुद्री गलियारों में बढ़ता अनिश्चितता का साया
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय निगरानी तेज कर दी गई है।


