फ्रीलांसर कृपा कोटेचा का 3 महीने का कॉन्ट्रैक्ट क्लाइंट ने बीच में खत्म कर दिया। क्लाइंट ने 50,000 रुपये की फीस दिए बिना उन्हें ब्लॉक कर दिया। यह पोस्ट वायरल होने के बाद अब कृपा कानूनी मदद ले रही हैं।
फ्रीलांसिंग और कॉर्पोरेट दुनिया में काम के बाद पैसे निकलवाना सबसे मुश्किल काम होता है। मीडिया मैनेजर और आंत्रप्रेन्योर कृपा कोटेचा ने सोशल मीडिया पर अपना ऐसा ही एक बुरा अनुभव शेयर किया है। कृपा का आरोप है कि तीन महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने से पहले ही क्लाइंट ने काम रोक दिया। इसके बाद 50,000 रुपये की फीस दिए बिना ही उन्हें ब्लॉक कर दिया गया।
कृपा ने एक्स (X) पर लिखा, 'मैंने एक भारतीय फाउंडर की लिंक्डइन प्रोफाइल बनाने में मदद की थी। लेकिन अब वो मेरी 50,000 रुपये की फीस देने से मना कर रही हैं। यह तीन महीने का कॉन्ट्रैक्ट था।' कृपा ने बताया कि वो हमेशा एडवांस पैसे लेती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने फाउंडर पर भरोसा किया। दो महीने काम करने के बाद फाउंडर ने अचानक कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया और उन्हें हर जगह से ब्लॉक कर दिया। कृपा का कहना है कि उनके पास इस बात के पक्के सबूत हैं कि उन्होंने उम्मीद से कहीं बेहतर काम किया है।
यह पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी राय देनी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने इसे फ्रीलांसिंग का सबसे कड़वा सच बताया। उन्होंने सलाह दी कि क्लाइंट की मर्जी के बिना उसकी जानकारी पब्लिक करने से खुद की इमेज खराब हो सकती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर वॉट्सऐप या ईमेल पर कोई सबूत है, तो वकील के जरिए लीगल नोटिस भेजना चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों का मानना था कि कानूनी पचड़े में पड़ने से अच्छा है कि इस पैसे को भूलकर नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए। इसके अलावा, कुछ यूजर्स ने यह भी बताया कि अगर कंपनी MSME के तहत रजिस्टर्ड है, तो नोटिस भेजने पर उन्हें पैसे देने ही पड़ेंगे।
इसके बाद कृपा ने एक्स पर एक और पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई नया अपडेट नहीं है और वो कानूनी मदद ले रही हैं। कृपा ने यह भी लिखा कि सोशल मीडिया पर पोल खुलने का भी उस फाउंडर को कोई डर नहीं है।
