ईरान ने बहरीन स्थित US नेवल बेस और फिफ्थ फ़्लीट सर्विस सेंटर पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया। तसनीम न्यूज़ के मुताबिक यह जवाबी कार्रवाई है। धमाकों की तस्वीरें वायरल हैं और मिडिल ईस्ट में यूएस-ईरान तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
Iran Ballistic Missile Attack: मिडिल ईस्ट में हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नेवल बेस पर बड़ा हमला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया गया और कई धमाके सुने गए। सोशल मीडिया पर विस्फोट की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। ईरान की सरकारी मीडिया से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी (Tasnim News Agency) ने इसे “जवाबी हमला” बताया है। क्या अब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग शुरू हो गई है?
बहरीन में कौन सा अमेरिकी बेस बना निशाना?
हमले का मुख्य निशाना बहरीन में स्थित यूनाइटेड स्टेट्स फिफ्थ फ्लीट (United States Fifth Fleet) का मुख्यालय और सर्विस सेंटर बताया जा रहा है। यह अमेरिकी नौसेना का अहम बेस है, जो खाड़ी क्षेत्र में ऑपरेशन संभालता है। बताया जा रहा है कि मिसाइल हमले के बाद इलाके में जोरदार धमाके हुए। हालांकि अभी तक हताहतों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या यह इज़रायल पर हमले के बाद की जवाबी कार्रवाई है?
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में इज़रायल और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद यह हमला हुआ है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उसके ठिकानों पर हमला हुआ तो वह जवाब देगा। तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह “प्रतिशोधी कार्रवाई” है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ईरान अब सीधे अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्या दिखा रहे हैं?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आसमान में आग के गोले और तेज धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती हैं। हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बहरीन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
क्या अब अमेरिका देगा बड़ा जवाब?
बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। अगर अमेरिका जवाबी हमला करता है, तो यह टकराव पूरे खाड़ी क्षेत्र को जंग में धकेल सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है।
क्या मिडिल ईस्ट में व्यापक युद्ध का खतरा बढ़ गया है?
ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच लगातार बढ़ते हमले अब क्षेत्रीय संकट को वैश्विक टकराव में बदल सकते हैं। बैलेस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि हालात सामान्य नहीं हैं। अब दुनिया की नजर वॉशिंगटन और तेहरान पर है। क्या कूटनीति आखिरी समय पर हालात संभालेगी, या मिसाइलों की यह जंग और भयानक रूप लेगी? आने वाले घंटे और दिन तय करेंगे कि यह सीमित जवाबी कार्रवाई रहेगी या इतिहास का एक और बड़ा युद्ध शुरू होने वाला है।


