जापान के कुमामोटो में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। JMA ने सुनामी चेतावनी जारी की। आफ्टरशॉक्स महसूस हुए, कई वीडियो सामने आए और प्रशासन अलर्ट पर है।
मंगलवार को जापान में 7.1 तीव्रता के तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। संभावित ऊंची समुद्री लहरों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इस बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें भूकंप के दौरान लोगों की घबराहट और अलग-अलग जगहों पर हुए नुकसान के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
जमीन से 10 KM गहराई पर था भूकंप का केंद्र
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप कुमामोटो क्षेत्र में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.1 दर्ज की है।वहीं, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसी भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई है। अलग-अलग एजेंसियां अपने मापदंडों के आधार पर भूकंप की तीव्रता दर्ज करती हैं, इसलिए आंकड़ों में कुछ अंतर हो सकता है।
भूकंप के बाद महसूस हुए कई आफ्टरशॉक्स
मुख्य भूकंप के बाद उसी इलाके में कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए। JMA के अनुसार, 4.5 और 4.2 तीव्रता के झटके भी महसूस हुए। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर सामने आए नुकसान के वीडियो
भूकंप के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X सहित कई जगहों पर वीडियो तेजी से शेयर किए गए। एक वीडियो में मशहूर कुमामोटो कैसल के आसपास तेज झटकों का असर दिखाई देता है। वहीं, एक डिपार्टमेंटल स्टोर के वीडियो में ऊंची शेल्फ पर रखा सामान गिरता नजर आता है। इसके अलावा, कुमामोटो शहर के कुछ इलाकों में छोटे स्तर के भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें धूल और मलबा उड़ता दिखाई दे रहा है।
मॉल, स्टोर और एयरपोर्ट पर लोगों में मची अफरा-तफरी
कई वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज झटकों के दौरान लोग मॉल, स्टोर और एयरपोर्ट जैसी सार्वजनिक जगहों पर झुककर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर तेजी से जाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
भूकंप और उसके बाद आए झटकों को देखते हुए जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करें और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करें। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाए और आपदा प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाए। निर्देशों में बचाव अभियान, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों में किसी भी तरह की कमी न रखने पर जोर दिया गया है।
लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाने पर भी दिया गया जोर
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने (इवैक्यूएशन), नुकसान की स्थिति, सुनामी अलर्ट और अन्य जरूरी अपडेट समय-समय पर उपलब्ध कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।


