झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रुपी सोरेन का आज गुरुवार को अंतिम संस्कार हो गया। जैसे ही सीएम हेमंत सोरेन ने मां की अर्थी को कंधा दिया तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बोले- ‘बाबा के बाद मां ही मेरा सहारा थीं’

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रुपी सोरेन का बुधवार को निधन हो गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। पार्टी ने उन्हें "संघर्ष, त्याग और धैर्य" की मिसाल बताया। इसी बीच आज गुरूवार को सीएम हेमंत सोरेन अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया और नम आंखों से मुक्तिधाम लेकर पहुंचे।

मां का साया उठ जाना सीएम हेमंत के लिए बड़ा नुकसान

  • JMM ने कहा कि रुपी सोरेन ने संघर्ष के दिनों में हमेशा स्वर्गीय जेएमएम नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन का साथ दिया। पार्टी ने उनके निधन को झारखंड और पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान बताया है।
  • पार्टी का कहना है कि मां का साया उठ जाना सीएम हेमंत सोरेन, उनके परिवार, पार्टी के कार्यकर्ताओं और झारखंड की जनता के लिए बेहद दर्दनाक है।
  • JMM ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मारंग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति दें। साथ ही शोक में डूबे परिवार, हम सभी JMM के सिपाहियों और पूरे राज्य को यह बड़ा दुख सहने की हिम्मत दें।”
  • पार्टी ने परिवार और JMM कार्यकर्ताओं को इस दुख से उबरने की शक्ति देने की भी प्रार्थना की। X पर की गई पोस्ट में लिखा है, "आदरणीय रुपी सोरेन जी संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक थीं।
  • स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के निधन के बाद, उनके हर संघर्ष में साथ खड़ी रहने वाली रुपी सोरेन जी आज प्रकृति की गोद में समा गईं। उनका जाना पूरे झारखंड और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।"

सोरेन बोले-बाबा के बाद मां ही मेरा सबसे बड़ा आसरा थीं

सीएम सोरेन ने भी X पर अपनी मां के निधन पर भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा, “बाबा के जाने के बाद, मां ही मेरा सबसे बड़ा आसरा थीं। आज वह आसरा भी प्रकृति की गोद में समा गया।”