झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के JSSC CGL और CDPO परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। इससे परीक्षा अभ्यर्थियों को राहत मिली है।
JSSC CGL CDPO Exam Cancellation: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से JSSC CGL और CDPO परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद इन परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति पर फिलहाल राहत मिली है। झारखंड सरकार की ओर से परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के संबंध में जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। JSSC-CGL समेत CDPO, FRO और FSO परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी।
JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने पर रोक
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के विज्ञापन को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। कुछ याचिकाकर्ताओं ने JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) की नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CDPO और JSSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा को रद्द करने के मामले में राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है।
सरकार ने कब लिया था परीक्षा रद्द करने का फैसला?
दरअसल, CID की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के मुताबिक, इन परीक्षाओं में TDPL की भूमिका सामने आई थी। इसके आधार पर संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया। राज्य सरकार ने केवल कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला ही नहीं लिया था, बल्कि वर्ष 2014 के बाद आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की थी।अब JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने के सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के अगले आदेश पर निर्भर करेगी।
JSSC CGL और CDPO अभ्यर्थियों को राहत
हाई कोर्ट के इस फैसले से JSSC CGL और CDPO परीक्षा के अभ्यर्थियों को राहत मिली है। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उम्मीदवारों के बीच आगे की प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। कोर्ट की ओर से रद्द करने के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद अब इन परीक्षाओं से जुड़े उम्मीदवारों की नजर आगे की न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित आदेशों पर रहेगी।


