रांची में JPSC-JSSC छात्रों के विधानसभा घेराव पर जमकर विवाद हुआ। देवेंद्र महतो ने आंदोलन को जहां युवाओं की आवाज बताया, वहीं पुलिस ने पत्थरबाजी का दावा किया। इसी बीच, छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई।
Jharkhand Student Protest Update: रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन सोमवार 10 अगस्त को भी जारी रहा। प्रदर्शन को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी बात रखी। पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो की हालत बिगड़ती जा रही है। महतो ने इस आंदोलन को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की आवाज बताया। हालांकि, तमाम स्टूडेंट उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
कैसी है देवेन्द्रनाथ महतो की तबीयत?
छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो ने अपनी तबीयत को लेकर बताया कि उनका ब्लड प्रेशर लगातार कम हो रहा है। वहीं, उनका ब्लड शुगर 53 तक गिर गया है। महतो ने कहा कि उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। मेरा बीपी बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे हो रहा है। हालांकि, मैं मर भी जाऊं तो भी कोई दिक्कत नहीं है। मेरी तबीयत से ज्यादा जरूरी छात्रों का भविष्य है।
देवेंद्र नाथ महतो बोले- आंदोलन सिर्फ मेरी आवाज नहीं
JPSC-JSSC रिफॉर्म फोरम के प्रदर्शन को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आगे की रणनीति सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने आंदोलन के पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि यह आवाज सिर्फ देवेंद्र नाथ महतो की नहीं है। यह उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनका भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर है और जो किताबों के जरिए अपने सपने पूरे करना चाहते हैं। महतो के मुताबिक, आंदोलन को रोकने की कोशिशें की गईं। प्रदर्शन स्थल पर कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग की गई और वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि लाठीचार्ज में कुछ लोग घायल भी हुए।
'हमने सरकार के खिलाफ नारा नहीं लगाया'
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ कोई नारा नहीं लगाया। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने किसी तरह की राजनीतिक बयानबाजी नहीं की और न ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर सिर्फ तिरंगा झंडा था। महतो ने भर्ती परीक्षाओं की जांच को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब उम्मीदवार नेपाल जैसी जगहों पर बैठकर परीक्षा देते हैं, तो ऐसी जांच पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।
रांची सिटी SP ने क्या कहा?
रांची सिटी SP पारस राणा ने बताया कि JPSC-JSSC रिफॉर्म फोरम ने विधानसभा का घेराव करने का कार्यक्रम बनाया था। शुरुआत में प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी तरफ से सुरक्षा की पूरी तैयारी की थी। हालांकि, बैरिकेडिंग के तरीके को लेकर आलोचना भी हुई। SP के मुताबिक, भीड़ की स्थिति को देखते हुए आयोजकों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
पुलिस का दावा- पत्थरबाजी में जवान घायल
- पारस राणा ने दावा किया कि अपील के बावजूद प्रदर्शन के दौरान कई बार पत्थरबाजी हुई। इसमें तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने बताया कि दो पुलिसकर्मियों के सिर में चोट लगी और उन्हें टांके लगाने पड़े। एक मौके पर जब बैरिकेड तोड़े गए तो तीन पुलिसकर्मी भीड़ के बीच फंस गए और उन्हें चोट लगने का खतरा पैदा हो गया।
- SP के अनुसार, जवानों को बाहर निकालने और स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया और वे अब सुरक्षित हैं।
- पारस राणा ने बताया कि पत्थरबाजी की एक अन्य घटना के दौरान पुलिस उस जगह तक नहीं पहुंच पाई, जहां से पत्थर फेंके जा रहे थे। ऐसी स्थिति में पत्थरबाजी रोकने के लिए पुलिस ने स्मोक शेल और डमी शेल का इस्तेमाल किया।
- उन्होंने कहा कि सुरक्षा की कई परतें होने के बावजूद भीड़ का एक हिस्सा काफी आगे तक पहुंच गया और विधानसभा की सीमा तक पहुंच गया।
- रांची सिटी SP ने कहा कि करीब 80 से 90 प्रतिशत प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण रहे। हालांकि, उनके अनुसार लगभग 15 से 20 प्रतिशत लोगों ने हंगामा किया।
- पुलिस का दावा है कि इस समूह के कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और प्रदर्शन के आयोजकों की अपील को भी नहीं माना। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान करीब चार या पांच छात्रों को मामूली चोटें आईं।
किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया
- पारस राणा ने कहा कि पुलिस ने अपनी तरफ से जितना संभव था, उतना संयम बरता। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी भी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। उनके मुताबिक, ज्यादातर प्रदर्शनकारी वहां से जा चुके हैं और विधानसभा घेराव समाप्त हो गया है।
- हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारी अभी भी अपनी मांगों को लेकर मौके पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनकारियों की अपनी अलग मांगें हैं, लेकिन ज्यादातर छात्र धीरे-धीरे वहां से निकल रहे हैं और अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।
- रांची सिटी SP ने बताया कि अब तक प्रदर्शन स्थल से किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से वापस जाने की अपील की जा रही है।


