कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा हो गया। पूजा की थाली लेकर निकली 18 वर्षीय यशी सविता के पैरों के नीचे जमीन धंस गई और वह 22 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। कई घंटे के रेस्क्यू के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
रक्षाबंधन के दिन जिस घर में राखी और पूजा की तैयारियां चल रही थीं, वहां कुछ ही पलों में खुशियों की जगह चीख-पुकार सुनाई देने लगी। कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में 18 वर्षीय यशी सविता घर के आंगन में अचानक जमीन धंसने से करीब 20 से 22 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पूजा की थाली लेकर माता-पिता को बुलाने निकली थी यशी
परिजनों के मुताबिक, रक्षाबंधन के दिन घर में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं। यशी पूजा की थाली लेकर अपने माता-पिता को बुलाने के लिए आंगन की ओर निकली थी। इसी दौरान अचानक उसके पैरों के नीचे की मिट्टी धंस गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले यशी मिट्टी के साथ गहरे गड्ढे में समा गई। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और मदद की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
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22 फीट तक खुदाई, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने पर महाराजपुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। गड्ढे की गहराई और मिट्टी के लगातार कमजोर होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। बाद में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने सावधानी के साथ बचाव अभियान शुरू किया। मिट्टी दोबारा न धंसे, इसके लिए आसपास की जमीन को ध्यान से हटाया गया। कई घंटे की मशक्कत और करीब 22 फीट तक खुदाई के बाद यशी को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
तीन साल पुरानी बोरिंग और बारिश पर टिकी जांच
परिजनों के अनुसार, करीब तीन साल पहले घर के आंगन में बोरिंग कराई गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई थी। बाद में दूसरी जगह बोरिंग कराई गई। परिवार को आशंका है कि पुराने बोरिंग वाले हिस्से से जमीन अंदर ही अंदर कमजोर हो गई थी।
हाल में हुई बारिश के कारण मिट्टी और कमजोर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, जमीन धंसने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। यशी की बहन रुचि के मुताबिक, वह पूजा की थाली लेकर मम्मी-पापा को बुलाने निकली थी, तभी अचानक जमीन धंस गई। रक्षाबंधन के दिन हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।
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