कर्नाटक विधान परिषद में कुत्तों पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर बहस हुई। कांग्रेस सदस्य ने इसका विरोध किया, जबकि शहरी विकास मंत्री ने आश्वासन दिया कि नियम बनाते समय सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
बेंगलुरु: कर्नाटक विधान परिषद में मंगलवार को एक बिल पर चर्चा के दौरान माहौल तब गरमा गया, जब कुत्तों पर टैक्स लगाने का मुद्दा उठा। स्थानीय निकायों में विज्ञापन शुल्क को लेकर लाए गए एक बिल पर बहस हो रही थी। इसी बीच, कांग्रेस सदस्य डॉ. डी. थिमैया ने कुत्तों पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया।
डॉ. थिमैया ने सवाल उठाया कि बिल में यह साफ नहीं है कि सरकार पालतू कुत्तों पर टैक्स लगाना चाहती है या आवारा कुत्तों पर। उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार KSRTC बसों पर 'जानवरों पर दया करें' जैसे स्लोगन लिखवाती है और दूसरी तरफ उन पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। यह सही नहीं है। अगर मुमकिन हो तो कुत्तों पर टैक्स लगाने वाले इस नियम को हटा देना चाहिए।"
इस विरोध का जवाब शहरी विकास मंत्री बैरथी सुरेश ने दिया। उन्होंने कहा, "कर्नाटक नगरपालिका और कुछ अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए नियम अभी तक नहीं बनाए गए हैं। यह बिल निचले सदन से पास हो चुका है और ऊपरी सदन में मंजूरी के बाद हम इसके नियम बनाएंगे।"
मंत्री ने आगे भरोसा दिलाया, "नियम बनाते समय हम इस बात की पूरी समीक्षा करेंगे कि कुत्तों पर टैक्स लगाना चाहिए या नहीं। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।"


