तिरुवनंतपुरम में एक बुजुर्ग ने सालों पहले अपनी कब्र बनवाई और मौत का इंतज़ार करने लगे. जब मौत नहीं आई तो उन्होंने खुदकुशी कर ली. यहां तक कि अपने अंतिम संस्कार के लिए पैसे भी बैंक में जमा कर दिए थे ताकि किसी को परेशानी न हो.
तिरुवनंतपुरमः तिरुवनंतपुरम से एक हैरान करने वाली खबर आई है. यहां एक 72 साल के बुजुर्ग ने अपनी ही बनाई कब्र में दफन होने के लिए सालों तक मौत का इंतज़ार किया, लेकिन जब कुदरती मौत नहीं आई तो उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मामला तिरुवनंतपुरम के वट्टकरिक्ककम इलाके का है. यहां रहने वाले पी. मोहनन (72) अपने घर में फांसी के फंदे पर लटके मिले. हैरानी की बात ये है कि मोहनन ने सालों पहले, जब वो पूरी तरह स्वस्थ थे, तभी अपने घर के एक कोने में खुद के लिए एक कब्र बनवा ली थी. वो अक्सर उस कब्र के पास जाकर साफ-सफाई करते और वहीं अपना वक्त बिताते थे.
रिश्तेदारों का कहना है कि शायद मौत का इंतज़ार लंबा हो गया, इसी वजह से उन्होंने अपनी ज़िंदगी खत्म करने का फैसला किया. आस-पड़ोस के लोग बताते हैं कि मोहनन ऐसे इंसान थे जो किसी को परेशान नहीं करना चाहते थे. उन्होंने अपने अंतिम संस्कार में बच्चों और रिश्तेदारों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पहले से ही खर्च का हिसाब लगाकर पैसे बैंक में जमा कर दिए थे. परिवार वालों ने मोहनन की आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें उसी कब्र में दफनाया, जिसे उन्होंने खुद बनवाया था.
(नोटः आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. अगर आप मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं या ऐसे ख्याल आ रहे हैं, तो काउंसलिंग के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें: 1056, 0471- 2552056)


