लखनऊ में एक व्यक्ति ने खुद को IPS अफसर बताकर चायवाले से झगड़ा किया। पुलिस के आने पर उन्हें भी धमकाया। पहचान पत्र न दिखा पाने पर उसकी पोल खुल गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
लखनऊ के महानगर इलाके में एक शख्स का नकली IPS अफसर बनने का ड्रामा उस वक्त खत्म हो गया, जब वो एक चायवाले पर रौब झाड़ने की कोशिश कर रहा था। घटना गोल मार्केट चौराहे की है। यहां पेमेंट को लेकर हुए एक झगड़े की सूचना पर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम चाय के ठेले पर पहुंची। सब-इंस्पेक्टर आर्यन शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक शख्स ब्रेड पैकेट के पैसे को लेकर चाय बेचने वाले वीरू गुप्ता से बुरी तरह बहस कर रहा था। जब मामला बढ़ा तो उस शख्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि वो नोएडा में तैनात एक IPS अफसर है।

इस पूरी झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। इसमें खुद को अफसर बताने वाला ये शख्स पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करता दिख रहा है।
FIR के मुताबिक, जब पुलिसवालों ने उसकी पहचान कन्फर्म करने की कोशिश की, तो वो उल्टा उन्हीं पर सवाल उठाने लगा। उसने अपनी कथित सीनियरटी का रौब दिखाते हुए पुलिसवालों से कहा, "तुम लोगों ने टोपी क्यों नहीं पहनी है? मुझे सलाम क्यों नहीं किया?"
लेकिन जब पुलिस ने उससे उसका सरकारी पहचान पत्र (ID कार्ड) मांगा और IPS बैच की जानकारी पूछी, तो उसकी हवाइयां उड़ गईं। शख्स ने बहाना बनाया कि उसके पास अभी ID नहीं है और वो अगले दिन दिखा देगा। उसके इस जवाब से पुलिस का शक और गहरा हो गया।
पुलिस ने बताया कि जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी असली पहचान बताई। उसका नाम मिथिलेश शुक्ला है और वो लखनऊ में सीतापुर रोड पर भरत नगर का रहने वाला है। आगे की जांच में पता चला कि शुक्ला कोई सीनियर पुलिस अफसर नहीं है। असल में, वो नोएडा के सेक्टर-18 में एक मल्टीनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में काम करता है।
महानगर के SHO अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मिथिलेश खुद को झूठा सीनियर पुलिस अफसर बताकर पेट्रोलिंग टीम को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा था। इस तरह उसने सरकारी काम में बाधा डाली। SHO ने कहा, “हमने मिथिलेश को BNS की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी पर हमला), 221 (सरकारी काम में बाधा डालना) और 204 (गलत तरीके से सरकारी कर्मचारी का रूप धारण करना) के तहत गिरफ्तार किया है।” पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
