मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद बैठक में पंचमढ़ी भूमि संशोधन, टाइगर रिज़र्व विकास, नर्मदापुरम सिंचाई परियोजनाएं, 17 योजनाओं की निरंतरता और पिछड़ा वर्ग युवाओं के लिए विदेश रोजगार योजना को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के विकास, पर्यावरण संरक्षण, सिंचाई, वन्यजीव संरक्षण और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।

पंचमढ़ी की नजूल भूमि को अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल भूमि से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी। पूर्व में 395.931 हैक्टेयर भूमि को संशोधित कर 395.939 हैक्टेयर भूमि को पंचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करते हुए राजस्व नजूल भूमि घोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

9 टाइगर रिज़र्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 390 करोड़ की मंजूरी

प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत आने वाले बफर क्षेत्रों के विकास के लिए मंत्रि-परिषद ने अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) के लिए कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस योजना के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेंसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्यप्राणी उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किए जाएंगे।

नर्मदापुरम में दो सिंचाई परियोजनाओं को 215.47 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने नर्मदापुरम जिले में दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना

तवा परियोजना की दायीं तट नहर की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना के लिए 86 करोड़ 76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से 4200 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्राम लाभान्वित होंगे।

पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना

तवा परियोजना की दायीं तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना के लिए 128 करोड़ 71 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से 6000 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी और सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे।

17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता हेतु 17,864 करोड़ 26 लाख रुपये की स्वीकृति दी।

जनजातीय कार्य विभाग की 15 योजनाओं को समर्थन

स्वीकृति के अनुसार जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क प्रतिपूर्ति, परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट-गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य और विभिन्न पुरस्कारों से जुड़ी 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व राजस्व विभाग के लिए बड़ी राशि

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना के लिए 15,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं, राजस्व विभाग की तहसील, जिला और संभाग कार्यालयों व आवासीय भवनों के निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश रोजगार योजना 2025 को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” के स्थान पर संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” को स्वीकृति दी। इस योजना के तहत आगामी 3 वर्षों में 45 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे और हर वर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।