अकोला स्टेशन पर 17 अक्टूबर को आरपीएफ अफसर सोनल ने 55 वर्षीय महिला की जान बचाई। महिला चलती ट्रेन से उतरते समय फिसल गई थी। उन्होंने उसे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरने से बचाया। यह 7 दिनों में उनका दूसरा बचाव है।
महाराष्ट्र के अकोला रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) की एक अफसर की मुस्तैदी ने 55 साल की महिला की जान बचा ली। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सोनल इंगले ने पलक झपकते ही महिला को चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरने से रोक लिया। खास बात यह है कि सोनल ने महज 7 दिन के अंदर दूसरी बार किसी यात्री की जान बचाई है।
यह घटना 17 अक्टूबर की है। प्लेटफॉर्म नंबर एक से नागपुर-अहमदाबाद प्रेरणा एक्सप्रेस (22138) रवाना हो रही थी। संगीता भरत खत्री नाम की महिला अपने एक बुजुर्ग रिश्तेदार को ट्रेन में बैठाने आई थीं।
ट्रेन में जैन मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। इसी जल्दबाजी में संगीता ने दूसरी तरफ से चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की। उनका बैलेंस बिगड़ गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में फिसलने लगीं।
पास ही ड्यूटी कर रहीं सोनल इंगले की नजर उन पर पड़ गई। वह तुरंत दौड़कर वहां पहुंचीं। उन्होंने संगीता को पकड़ा और खींचकर प्लेटफॉर्म की तरफ ले आईं। इस फुर्ती से एक बड़ा हादसा टल गया और महिला को सिर्फ मामूली खरोंचें आईं।
इस रेस्क्यू के बाद संगीता खत्री और उनके परिवार ने सोनल इंगले और रेलवे प्रशासन का दिल से शुक्रिया अदा किया। अकोला स्टेशन पर सोनल इंगले का यह कोई पहला कारनामा नहीं है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी उन्होंने एक दिव्यांग बुजुर्ग यात्री की जान बचाई थी। वह यात्री प्लेटफॉर्म नंबर दो पर अहमदाबाद से चेन्नई जाने वाली नवजीवन एक्सप्रेस (12655) में चढ़ते वक्त फिसल गया था।






