अमेरिका के मिसौरी में एक स्काईडाइविंग विमान टेक-ऑफ के बाद क्रैश हो गया, जिसमें पायलट समेत 12 लोगों की मौत हो गई। विमान रनवे के पास गिरकर आग के गोले में बदल गया। शुरुआती जांच में इंजन की खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है।
मिसौरी: अमेरिका के मिसौरी में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है। यहां टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद एक विमान बाईं ओर मुड़कर रनवे के पास क्रैश हो गया और आग के गोले में बदल गया। इस हादसे में पायलट समेत 12 लोगों की मौत हो गई। यह विमान एक स्काईडाइविंग टीम को लेकर जा रहा था। हादसा बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट के पास हुआ।

यह घटना रविवार सुबह करीब 11:35 बजे की है, जब स्काईडाइविंग टीम को लेकर विमान ने उड़ान भरी थी। यह विमान 'स्काईडाइव कैनसस सिटी' नाम की एक प्राइवेट कंपनी का सिंगल-इंजन टर्बोप्रॉप प्लेन था। टेक-ऑफ के बाद विमान ज़रूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंच सका। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अचानक बाईं ओर मुड़ा और रनवे से लगभग 300 गज दूर एक घास के मैदान में सीधा ज़मीन से जा टकराया। यह हादसा अमेरिका के हाल के इतिहास में सबसे घातक स्काईडाइविंग विमान दुर्घटनाओं में से एक है।
ज़मीन पर गिरते ही विमान में ज़ोरदार आग लग गई और उसका मलबा पूरी तरह जलकर खाक हो गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इंजन में अचानक आई खराबी हादसे की वजह हो सकती है। एयरपोर्ट मैनेजर डेनिस जैकब्स ने बताया कि शायद इंजन की पावर खत्म होने के बाद पायलट ने विमान को पास के हाईवे पर उतारने की कोशिश की, लेकिन कंट्रोल खो बैठा और विमान नीचे गिर गया। दुख की बात यह है कि हादसे वाली जगह के पास मौजूद यात्रियों के कई रिश्तेदारों ने इस भयानक मंज़र को अपनी आंखों से देखा।
बचावकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाई, लेकिन विमान में सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। इस बात की जांच के लिए ड्रोन और पैदल तलाशी भी की गई कि क्या कोई पैराशूट से विमान से बाहर कूदा था, लेकिन कोई नहीं मिला। मरने वालों में नौ अनुभवी स्काईडाइवर थे और दो लोग पहली बार स्काईडाइविंग करने आए थे।
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हुआ पैसिफिक एयरोस्पेस 750XL विमान 2010 में बना था और इसका इस्तेमाल स्काईडाइविंग के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। एक्सपर्ट्स की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हादसा पायलट के अनुभव की कमी, फ्यूल फिल्टर में खराबी या फ्यूल में पानी मिलने की वजह से हुआ।
