Nagpur MLC Election Result: कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स MLC सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराया। RSS का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में इस जीत से कांग्रेस ने MLC चुनावों में अपना खाता खोला। जानिए RSS का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में उनकी लगातार दूसरी जीत क्यों अहम है।
MLC Election 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का सबसे मजबूत किला माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस के अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने दोबारा बाजी मार ली है। लंबे दौर तक चली मतगणना के बाद वकील और शिक्षाविद वंजारी ने बीजेपी के उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से शिकस्त दी। यह जीत कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) के लिए बेहद मायने रखती है। नागपुर सिर्फ आरएसएस का मुख्यालय ही नहीं, बल्कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का संसदीय क्षेत्र भी है। इतने मजबूत गढ़ में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करके वंजारी ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय मुद्दों पर पकड़ अब भी कायम है।
MLC Election Result: नागपुर में कैसे जीते अभिजीत वंजारी?
नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स सीट पर मतगणना लंबी चली। आखिरकार अभिजीत वंजारी ने बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले को पीछे छोड़ दिया। वंजारी ने कोहले को 3,271 वोटों के अंतर से हराया। 38 उम्मीदवारों के बीच चले इस चुनावी मुकाबले में मुख्य लड़ाई वंजारी और कोहले के बीच ही थी।
- जीत की हैट्रिक की दिशा में कदम: पेशे से वकील अभिजीत वंजारी ने पहली बार 2020 में एमवीए उम्मीदवार के तौर पर यह सीट जीती थी।
- संगठनों का समर्थन: जीत के बाद वंजारी ने कहा कि बीजेपी ने अपने तमाम बड़े नेताओं और संसाधनों को मैदान में उतार दिया था, लेकिन स्थानीय वोटरों और 48 सहयोगी संगठनों का साथ उनके पक्ष में रहा।
- तनावपूर्ण माहौल: परिणाम घोषित होने के बाद मानकापुर इंडोर स्टेडियम के बाहर माहौल गरमा गया। बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
RSS का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस की जीत क्यों अहम?
- नागपुर में बीजेपी और RSS का मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में कांग्रेस की जीत पार्टी के लिए अहम है। इसके अलावा, यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से जुड़े राजनीतिक क्षेत्र में आया नतीजा है।
- इस जीत के साथ कांग्रेस ने कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की 28 सीटों पर हो रहे MLC चुनावों में अपना खाता खोला। इससे पहले कर्नाटक की चार विधान परिषद सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।
Abhijit Vanjari: जीत के बाद क्या बोले कांग्रेस नेता?
- 28 अक्टूबर को अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए वंजारी ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव में पूरी ताकत लगा दी थी और उसके कई नेता नागपुर में मौजूद थे। इसके बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस का साथ दिया।
- उन्होंने इस जीत का श्रेय कांग्रेस और MVA के बीच एकजुटता को दिया। वंजारी के मुताबिक, चुनाव प्रचार में कई संगठनों ने उनका समर्थन किया था। उन्होंने प्रचार सामग्री में दर्ज 48 संगठनों का जिक्र करते हुए कहा कि यह जीत उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं की भी है।
MLC चुनाव में MVA का प्रदर्शन कैसा रहा?
- महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में MVA ने तीन सीटों पर जीत का दावा किया था। वहीं, बीजेपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिलने की बात कही गई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, उस समय चुनाव आयोग की औपचारिक घोषणा का इंतजार था।
- अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत ने नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति मजबूत की है। बीजेपी के मजबूत माने जाने वाले इलाके में यह नतीजा पार्टी के लिए अहम राजनीतिक उपलब्धि है।






