खुला फाटक और सामने खड़ी मौत! मुर्शिदाबाद में सुबह-सुबह स्कूल वैन और ट्रेन की भीषण टक्कर के पीछे क्या कोई बड़ी साजिश थी या लापरवाही? 2 छात्रों समेत 3 की मौत। जानिए इस रूह कंपा देने वाले हादसे का पूरा सच।
West Bengal Train Accident: शुक्रवार की सुबह हमेशा की तरह बेहद सामान्य थी। बच्चे अपनी स्कूल वैन में बैठे हंसते-खिलखिलाते हुए स्कूल जा रहे थे। रास्ते में रोजाना की तरह करना सुबर्णा रेलवे क्रॉसिंग आई। गेट खुला हुआ था, ड्राइवर ने वैन को आगे बढ़ाया और फिर... पलक झपकते ही जो हुआ, उसने पूरे पश्चिम बंगाल को हिलाकर रख दिया। मुर्शिदाबाद के बहरामपुर इलाके में सुबह करीब 7 बजे एक तेज रफ्तार लोकल ट्रेन ने स्कूली बच्चों से भरी पूल कार (स्कूल वैन) को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे ने दो मासूम छात्रों समेत तीन लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।
खुला फाटक और काल की एंट्री: क्या थी सुबह 7 बजे की वो खौफनाक हकीकत?
यह हादसा ईस्टर्न रेलवे नेटवर्क के अजीमगंज-कटवा सेक्शन पर करना सुबर्णा रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जो कटवा से लगभग 48 किलोमीटर दूर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब स्कूल वैन रेलवे ट्रैक पार कर रही थी, उस समय लेवल-क्रॉसिंग का गेट पूरी तरह से खुला हुआ था। ड्राइवर को लगा कि सब सुरक्षित है, लेकिन अचानक पटरी पर लोकल ट्रेन आ गई। लोहे के विशालकाय इंजन और लकड़ी-मेटल की छोटी सी वैन के बीच यह भीषण टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूल वैन का मलबा कई मीटर दूर जाकर गिरा और वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
चीख-पुकार और अपनों को खोने का गम: हादसे का दर्दनाक आंकड़ा
टक्कर होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में दो मासूम स्कूली छात्रों और गाड़ी में सवार एक अन्य व्यक्ति (कुल 3 लोगों) की मौके पर ही मौत हो गई। वैन में सवार कई अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से लहूलुहान बच्चों को तुरंत गाड़ी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
लापरवाही का वो गुनहगार: रेलवे की त्वरित कार्रवाई और दो कर्मचारी सस्पेंड
हादसे की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में यह साफ हो गया कि जब ट्रेन आ रही थी, तब गेट बंद नहीं किया गया था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है: काम में भारी लापरवाही बरतने के आरोप में एक गेटमैन और एक सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और अधिकारियों ने आरोपी गेटमैन को गिरफ्तार कर लिया है।
10 सदस्यीय टीम के जिम्मे जांच: क्या यह सिर्फ मानवीय भूल थी या कोई गहरी साजिश?
ईस्टर्न रेलवे के एडिशनल डिविजनल रेलवे मैनेजर (ADRM) की अगुवाई में 10 सदस्यों की एक उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की गई है। इस टीम को तुरंत दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है ताकि हादसे के तकनीकी और मानवीय कारणों का बारीकी से पता लगाया जा सके। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थमी ट्रेनों की रफ्तार और मुआवजे की घोषणा
इस भीषण हादसे के कारण ईस्टर्न रेलवे के हावड़ा डिवीजन के अजीमगंज-कटवा सेक्शन पर रेल यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। ट्रैक पर फैले मलबे को हटाने और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक कई ट्रेनों के पहिए जहाँ-तहाँ थम गए। इस बीच, रेल मंत्रालय और प्रशासन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपनी जान गंवाने वाले मृतकों के पीड़ित परिजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है। अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर ओपन और असुरक्षित रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।


