नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात मामले में बड़ा खुलासा होने वाला है। डिलीट किया गया मोबाइल डेटा रिकवर हो गया है, जिसके चलते अब इस केस में कई लोगों के कनेक्शन सामने आएंगे। फिलहाल नासिक के अलग-अलग केसों के लिए 6 SIT जांच में जुटी हैं।
Ashok Kharat Case Latest Updates: नासिक का तथाकथित भोंदूबाबा अशोक खरात लोगों की किस्मत बताने के नाम पर उन्हें ठगता था। उस पर महिलाओं के शोषण के भी गंभीर आरोप हैं। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वह खुद अपना भविष्य नहीं देख पा रहा है और उसे अपनी मौत का डर सता रहा है। इसी बीच, उसके करीबी सहयोगी जितेंद्र शेल्के की पत्नी की एक दर्दनाक कार दुर्घटना में मौत हो गई, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
मोबाइल डेटा डिलीट करने की कोशिश नाकाम, पुलिस के हाथ लगे सबूत
जांच के दौरान सामने आया कि अशोक खरात ने अपने मोबाइल से कई फोटो, चैट, वीडियो और फोन नंबर डिलीट कर दिए थे ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि, फोरेंसिक लैब और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से यह सारा डेटा रिकवर कर लिया गया है। अब इस डेटा के आधार पर कई बड़े खुलासे होने की संभावना है, जैसे- खरात किन लोगों के संपर्क में था, उसके फाइनेंशियल कनेक्शन क्या थे और किन लोगों की इस पूरे नेटवर्क में भूमिका रही? इससे उन लोगों को बड़ा झटका लग सकता है, जो अब तक खुद को इस केस से अलग बता रहे थे।
कोर्ट में पेशी के बाद बढ़ सकती है कस्टडी
धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे अशोक खरात को आज फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। चौथे मामले में उसे पहले ही 30 तारीख तक न्यायिक हिरासत मिली है। अब पांचवें केस में भी उसकी पेशी होनी है। SIT द्वारा उसकी कस्टडी बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां लगातार उससे पूछताछ कर रही हैं और नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
नासिक में एक साथ 6 SIT, कई घोटालों की जांच
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक में एक साथ 6 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई हैं। अशोक खरात से जुड़े अलग-अलग मामलों की जांच की जा रही है, जिनमें शामिल हैं:
- शालार्थ ID स्कैम
- TCS कन्वर्जन केस
- MHADA प्लॉट स्कैम
- त्र्यंबकेश्वर दर्शन स्कैम
- अन्य धोखाधड़ी और शोषण के मामले
- इसके अलावा, स्टेट विमेंस कमीशन ने भी एक स्वतंत्र SIT गठित की है।
नासिक की छवि पर असर, लोगों में नाराजगी
नासिक, जो टूरिज्म, धार्मिक महत्व, कुंभ नगरी और वाइन कैपिटल के रूप में जाना जाता है, वहां एक साथ इतने बड़े मामलों का सामने आना चिंता का विषय बन गया है। एक साथ छह SIT के काम करने से शहर की छवि पर असर पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।


