नासिक TCS BPO केस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न के आरोपों की SIT जांच जारी है। आरोपी निदा खान का सस्पेंशन लेटर सामने आया, जिसमें उन्हें कर्तव्य निभाने में असमर्थ बताया गया। सात गिरफ्तारियां, जांच में संगठित मॉड्यूल का शक।
नासिक TCS केस: नासिक स्थित TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) की BPO यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न, उत्पीड़न और जबरन धार्मिक दबाव से जुड़े बहुचर्चित मामले में एक नया और अहम दस्तावेज सामने आया है। आरोपी बताई जा रही 26 वर्षीय निदा खान का सस्पेंशन लेटर सार्वजनिक हुआ है, जिसमें कंपनी ने उनके खिलाफ गंभीर आरोपों और कार्यस्थल पर अनुपस्थिति को आधार बनाकर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।

“कर्तव्य निभाने में असमर्थ”-सस्पेंशन लेटर में क्या लिखा है?
TCS की ओर से जारी सस्पेंशन लेटर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कंपनी को खान के खिलाफ एक गंभीर मामले की जानकारी मिली है और उस संदर्भ में वह इस समय कथित रूप से पुलिस या न्यायिक हिरासत में हैं। पत्र में उल्लेख है कि स्थिति को देखते हुए उन्हें अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने में “असमर्थ” माना गया है।
पत्र में लिखा गया कि:
- उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
- निलंबन अगली सूचना तक जारी रहेगा।
- कंपनी नेटवर्क और सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया है।
- सभी कंपनी संपत्ति वापस करने का निर्देश दिया गया है।
- किसी भी कर्मचारी से संपर्क या ऑफिस में प्रवेश पर रोक रहेगी।
कंपनी ने यह भी चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

SIT जांच में ‘केंद्रीय किरदार’ बनीं निदा खान
नासिक पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है, जिसमें यौन उत्पीड़न, मानसिक दबाव और कथित धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में निदा खान को एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब तक सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, खान पर आरोप है कि वह कथित रूप से एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थीं, जिसमें कई कर्मचारियों को दबाव में रखने और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, ये सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अभी तक अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

गिरफ्तारी, फरारी और परिवार का दावा
इस केस में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि निदा खान को पुलिस ने फरार बताया है। दूसरी ओर, उनके परिवार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह फरार नहीं हैं, बल्कि मुंबई स्थित अपने घर पर मौजूद हैं और गर्भवती हैं। परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि खान का पद HR मैनेजमेंट से जुड़ा नहीं था, जैसा कि शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया था। उनके अनुसार, वह टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत थीं और सेल्स टीम का हिस्सा थीं।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम (मुख्य):
गिरफ्तार लोगों में अधिकतर टीम लीडर हैं:
- दानिश शेख (Danish Sheikh)
- तौसीफ अत्तार (Tausif Attar) -मास्टरमाइंड होने का शक
- रजा मेमन (Raza Memon)
- शाहरुख कुरैशी (Shahrukh Qureshi)
- शफी शेख (Shafi Sheikh)
- आसिफ आफताब अंसारी (Asif Aftab Ansari)
- शाहरुख शेख (Shahrukh Sheikh)
महिला ऑपरेशंस मैनेजर/HR हेड: अश्विनी चैनानी (Ashwini Chainani) या निदा खान के अलावा एक अन्य महिला (रिपोर्टों में निदा खान के फरार होने और 7 की गिरफ्तारी की बात है, वहीं कुछ रिपोर्टों में 8 गिरफ्तारी की बात है)।

फरार आरोपी का नाम: शिक्षा, निजी जीवन और पृष्ठभूमि
निदा खान (Nida Khan): उसे इस रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। खबर है कि वह मुंबई में छिपी है और उसने अपनी गर्भावस्था (pregnancy) का हवाला देकर अग्रिम जमानत (anticipatory bail) के लिए अर्जी दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, निदा खान ने कॉमर्स में स्नातक किया है और वर्तमान में कॉरस्पॉन्डेंस के जरिए MBA कर रही हैं। परिवार का कहना है कि उनकी शादी पिछले वर्ष हुई थी और जनवरी में वह अपने पति के साथ मुंबई शिफ्ट हो गई थीं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच का विस्तार
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है और कथित “मॉड्यूल” की तह तक पहुंचने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी IT कंपनी TCS ने जांच में सहयोग किया है और किसी भी दोषी को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी। कंपनी स्तर पर भी इस घटना की कड़ी निंदा की गई है।

जांच जारी, कई सवाल अनसुलझे
फिलहाल SIT जांच जारी है और पुलिस सभी आरोपों, डिजिटल सबूतों और बयानबाज़ी की गहन जांच कर रही है। मामले में कई पहलुओं पर अभी भी स्पष्टता नहीं है, जिसमें कथित नेटवर्क की संरचना और वास्तविक भूमिका शामिल है।


