NEET PG Student Viral Story: नेपाल में माता-पिता के लापता होने के बावजूद 24 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट तन्वी ने NEET PG 2026 की परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान डेढ़ घंटे तक रोती रहीं, लेकिन पिता की इच्छा याद कर पेपर पूरा किया। जानिए उनकी भावुक कहानी।

परीक्षा हॉल में सामने कंप्यूटर स्क्रीन थी, लेकिन 24 साल की मेडिकल स्टूडेंट तन्वी का ध्यान बार-बार नेपाल में फंसे अपने माता-पिता पर जा रहा था। आंखों में आंसू थे, हाथ कांप रहे थे और सवाल पढ़ना तक मुश्किल हो रहा था। फिर भी उन्होंने NEET PG 2026 का पेपर पूरा किया। वजह थी उनके पिता की वह इच्छा, जिसे वह किसी भी हाल में अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थीं।

नेपाल में लापता हैं तन्वी के माता-पिता

26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इसी आपदा के बीच तन्वी के माता-पिता अनाघा अन्नमदेवरा और वेंकटराम अन्नमदेवरा भी लापता बताए जा रहे हैं। दोनों 67 लोगों के एक समूह के साथ कैलाश यात्रा पर नेपाल गए थे। तन्वी के मुताबिक, आखिरी जानकारी में यात्रा समूह नेपाल के इमिग्रेशन सेंटर और मैत्री पुल के आसपास बताया गया था। बाढ़ और भूस्खलन के कारण संचार व्यवस्था प्रभावित होने से परिवार को अब तक माता-पिता की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।

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परीक्षा के दौरान लगातार रोती रहीं तन्वी

तन्वी ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति साझा करते हुए बताया कि NEET PG परीक्षा के दौरान उनके हाथ कांप रहे थे और आंखों से लगातार आंसू निकल रहे थे। करीब तीन घंटे की परीक्षा में डेढ़ घंटे तक वह रोती रहीं। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर स्क्रीन पर सवाल पढ़ना भी मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उन्हें अपने पिता की याद आती रही। खास बात यह थी कि एडमिट कार्ड पर लगी उनकी तस्वीर भी उनके पिता ने ही खींची थी। इसके बावजूद तन्वी ने खुद को संभाला और परीक्षा पूरी की। उन्होंने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वह NEET PG की परीक्षा जरूर दें। इसलिए उन्होंने यह परीक्षा उनके लिए दी।

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2.63 लाख से ज्यादा उम्मीदवार हुए शामिल

NEET PG 2026 का आयोजन MD-MS समेत पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए किया गया। परीक्षा देशभर के 1,111 केंद्रों पर सिंगल शिफ्ट में हुई, जिसमें 2.63 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। जयपुर के सीतापुरा स्थित दो केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इन केंद्रों पर अब 5 सितंबर 2026 को परीक्षा आयोजित की जाएगी।

तन्वी ने लोगों से अपने माता-पिता की सलामती के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। मुश्किल वक्त में परीक्षा पूरी करने की उनकी कहानी सिर्फ एक मेडिकल एंट्रेंस की कहानी नहीं, बल्कि उम्मीद और पिता के सपने को थामे रखने की कहानी भी है।

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