नेपाल-तिब्बत सीमा पर मडस्लाइड और बाढ़ के बाद तिब्बत में 558 लोग लापता हैं। इसी बीच चीन ने बैरियर लेक और नए भू-वैज्ञानिक जोखिम को लेकर अलर्ट जारी किया है।

Nepal Floods Updates: नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का बहाव) और उसके बाद आई अचानक बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के मुताबिक, नेपाल से सटे बॉर्डर इलाके में आई इस आपदा के बाद तिब्बत में 558 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, बीजिंग में अधिकारियों ने ऊपरी इलाकों में नए भू-वैज्ञानिक जोखिम को लेकर चेतावनी जारी की है।

चीन ने बैरियर लेक से नए खतरे की चेतावनी दी

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, बीजिंग में अधिकारियों ने हिमालयी बॉर्डर क्रॉसिंग के ऊपरी हिस्से में बनी एक 'बैरियर लेक' (रुकावट से बनी झील) को नया खतरा बताया है। आशंका जताई गई है कि यह झील बचाव कार्यों को और मुश्किल बना सकती है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने आपदा प्रभावित क्षेत्र के उत्तर-पूर्व में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम पर बनी इस झील की निगरानी और जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संभावित खतरे को रोकने और राहत कार्यों को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

20 लाख क्यूबिक मीटर पानी पहले ही ओवरफ्लो

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तक इस बैरियर लेक में लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा था और झील पहले ही ओवरफ्लो होने लगी थी। चीन सेंट्रल टेलीविजन के मुताबिक, अगले तीन दिनों यानी 72 घंटे में इसमें करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी आने की संभावना है, जिससे खतरा और बढ़ सकता है। स्थिति को देखते हुए चीन ने स्थानीय पुलिस और सशस्त्र बलों की मदद के लिए बीजिंग और चेंगदू से फायर एवं रेस्क्यू टीमों को भी प्रभावित इलाकों में भेजा है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

2025 में भी आई थी ऐसी ही फ्लैश फ्लड

अगस्त 2025 में भी इस क्षेत्र में इसी तरह की अचानक बाढ़ आई थी। उस समय अधिक तापमान के कारण तिब्बत की एक ग्लेशियल झील ओवरफ्लो हो गई थी। उस हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी और नेपाल तथा चीन को जोड़ने वाला अहम पुल सहित कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।

लेन्डे नदी में मलबा गिरने से तीन लोगों की मौत

सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर ग्यिरोंग के पास लेन्डे नदी में मिट्टी और चट्टानों की बड़ी दीवार गिर गई। इसके बाद पानी का तेज बहाव भोटेकोसी और त्रिशूली नदियों के रास्ते में आने वाले गांवों और कस्बों तक पहुंच गया। इससे नेपाल के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई।

नेपाल में 177 लोगों की मौत, सैकड़ों अब भी लापता

इस बाढ़ से अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है। सिर्फ नेपाल में ही कम से कम 177 लोग मारे गए हैं, जबकि सैकड़ों अभी भी लापता हैं। बाढ़ के कारण कई घर, सड़कें और बिजली परियोजनाएं बह गईं, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।