नोएडा की 28 वर्षीय अर्पिता साहू ऋषिकेश में क्लिफ जंपिंग के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गईं। तैराकों ने समय पर उन्हें बचा लिया। उन्होंने प्रकृति की ताकत को कम न आंकने और एडवेंचर स्पोर्ट्स में सावधानी बरतने की सलाह दी।

षिकेश का एक मजेदार वीकेंड ट्रिप कब एक डरावने सपने में बदल जाए, कोई नहीं जानता। नोएडा की रहने वाली 28 साल की अर्पिता साहू के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। अर्पिता एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं और सोशल मीडिया पर कंटेंट भी बनाती हैं। वो ऋषिकेश घूमने गई थीं, लेकिन वहां क्लिफ जंपिंग के दौरान वो नदी के तेज बहाव में बह गईं। ये तो गनीमत रही कि साथ गए तैराकों ने सही समय पर उन्हें बचा लिया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।

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मौत के मुंह तक ले गया एडवेंचर

अर्पिता साहू वीकेंड पर मौज-मस्ती के लिए ऋषिकेश पहुंची थीं। वहां उन्होंने क्लिफ जंपिंग करने का फैसला किया। पहली दो बार तो सब ठीक रहा, लेकिन तीसरी छलांग जान पर बन आई। बाद में हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए अर्पिता ने बताया, "मैंने चट्टान से छलांग लगाई। मैं पहले ही दो बार ऐसा कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि मैं कर लूंगी। लेकिन तीसरी बार बहाव मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज था। पानी मुझे किनारे से दूर खींचने लगा। मुझे तैरना आता है, लेकिन मैं इतने तेज बहाव के खिलाफ तैर नहीं पा रही थी।"

जान बचाने वालों का शुक्रिया

जैसे ही अर्पिता तेज बहाव में फंसीं, उन्हें बचाने के लिए एक से ज्यादा लोग नदी में कूद पड़े। अर्पिता के साथ ट्रिप पर गए राहुल नाम के एक युवक और एक विदेशी टूरिस्ट ने मिलकर उन्हें उफनती नदी से बाहर निकाला। अर्पिता ने कहा, "मैं उन लोगों की बहुत शुक्रगुजार हूं। सच कहूं तो, अगर वे मदद नहीं करते तो मेरा बचना मुश्किल था। मैंने पर्सनली उन लोगों को धन्यवाद कहा।"

अर्पिता ने यह भी माना कि अगर उन्होंने लाइफ जैकेट पहनी होती तो शायद वो खुद ही तैरकर बाहर आ सकती थीं। उन्होंने अपनी इस घटना से सबक लेते हुए कहा, "हमें कभी भी प्रकृति की ताकत को कम नहीं आंकना चाहिए। कोई चीज कितनी भी आसान क्यों न लगे, हालात पल भर में बदल सकते हैं। ऐसे एडवेंचर हमेशा पूरी जिम्मेदारी और किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करने चाहिए।"